केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने वासुदेव घाट, यमुना रिवरफ्रंट और फ्लडप्लेन्स का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वच्छता, विकास कार्यों, बाढ़ प्रबंधन और यमुना संरक्षण को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बुधवार को यमुना बाजार स्थित वासुदेव घाट, फ्लडप्लेन्स, बैराज और यमुना रिवरफ्रंट क्षेत्र का दौरा कर चल रहे विकास कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घाटों की स्वच्छता, बुनियादी सुविधाओं, पुनर्विकास परियोजनाओं और बाढ़ प्रबंधन से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मनोहर लाल ने कहा कि यमुना के तटों का विकास केवल सौंदर्यीकरण की परियोजना नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन, जनसुविधाओं के विस्तार और सतत शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इसी सोच के साथ यमुना रिवरफ्रंट और घाटों के पुनर्विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घाटों पर स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधा, हरित क्षेत्र और अन्य बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाए, ताकि श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बेहतर अनुभव मिल सके।
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बाढ़ प्रबंधन पर सरकार का विशेष फोकस
मनोहर लाल ने यमुना में मानसून के दौरान आने वाली बाढ़ की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राजधानी में बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए आवश्यक संरचनात्मक और प्रबंधन संबंधी उपाय युद्ध स्तर पर किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस दिशा में केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार मिलकर समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं, ताकि भविष्य में बाढ़ से होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सके और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जल निकासी व्यवस्था, तटबंधों की मजबूती और फ्लडप्लेन्स के संरक्षण से जुड़े सभी कार्य तय समयसीमा में पूरे किए जाएं।
आज वासुदेव घाट, यमुना बाजार स्थित फ्लडप्लेन्स, बैराज एवं रिवरफ्रंट क्षेत्रों का दौरा कर घाटों की स्वच्छता, बुनियादी सुविधाओं तथा पुनर्जीवन एवं विकास कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया।
यमुना के तटों का समग्र विकास केवल सौंदर्यीकरण का विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जनसुविधाओं… pic.twitter.com/ccNn8FU9YY
— Manohar Lal (@mlkhattar) July 29, 2026
पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और सभ्यता की पहचान है। इसके संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए सरकार दीर्घकालिक योजना के तहत काम कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और निर्मल यमुना का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब विकास कार्यों के साथ पर्यावरणीय संतुलन को भी समान महत्व दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यमुना रिवरफ्रंट परियोजना पूरी होने के बाद यह क्षेत्र न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि पर्यटन और नागरिक सुविधाओं के लिहाज से भी नई पहचान स्थापित करेगा।
स्वच्छ यमुना के संकल्प को दोहराया
मनोहर लाल ने कहा कि सरकार यमुना को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाने के अपने संकल्प को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और दिल्ली सरकार के संयुक्त प्रयासों से यमुना के संरक्षण और विकास से जुड़े लक्ष्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यमुना तटों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करते हुए पर्यावरण अनुकूल और जनहितैषी स्वरूप दिया जाएगा, जिससे राजधानी के लोगों के साथ-साथ देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी लाभ मिलेगा।

