ई-20 मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय अभियान शुरू किया। जानें टाउन हॉल, पीएम को सौंपे जाने वाले पत्र और सरकार पर लगाए आरोपों की पूरी जानकारी।
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ई-20 मुद्दे को लेकर देशव्यापी अभियान शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए एक राष्ट्रीय टाउन हॉल आयोजित करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी द्वारा शुरू की गई ऑनलाइन याचिका में मिले दो लाख से अधिक समर्थन पत्र अगले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपे जाएंगे।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि युवाओं की एकजुट आवाज के दबाव में सरकार को अपना रुख बदलना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार को युवाओं की ताकत का एहसास हुआ है। आप संयोजक ने प्रधानमंत्री से अपील की कि ई-20 से जुड़े विवाद को जल्द से जल्द सुलझाया जाए, ताकि यह मुद्दा बड़े स्तर के राष्ट्रव्यापी आंदोलन का रूप न ले।
ई-20 मुद्दे पर राष्ट्रीय टाउन हॉल की घोषणा
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 मामले पर जनता की राय जानने और प्रभावित लोगों की समस्याओं को समझने के लिए राष्ट्रीय टाउन हॉल बैठक आयोजित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम शनिवार दोपहर आयोजित होगा। दिल्ली-एनसीआर के लोग इसमें व्यक्तिगत रूप से शामिल हो सकेंगे, जबकि देश के अन्य हिस्सों से लोग ऑनलाइन माध्यम से जुड़ पाएंगे। इसके लिए पार्टी ने एक रजिस्ट्रेशन नंबर भी जारी किया है।
केजरीवाल ने कहा कि टाउन हॉल में विशेषज्ञों, प्रभावित नागरिकों और आम लोगों के साथ चर्चा की जाएगी ताकि इस मुद्दे पर व्यापक समाधान निकाला जा सके।
also read: सौरभ भारद्वाज का BJP सरकार पर हमला, बोले- संसद चर्चा से छात्रों के मुद्दे…
प्रधानमंत्री को सौंपे जाएंगे दो लाख से अधिक पत्र
आप नेता ने बताया कि पार्टी की ऑनलाइन मुहिम को जनता का बड़ा समर्थन मिला है और अब तक दो लाख से अधिक लोगों ने अपनी राय दर्ज कराई है।
उन्होंने कहा कि इन सभी पत्रों को अगले सप्ताह प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचाया जाएगा। केजरीवाल ने कहा कि जनता की चिंताओं को सरकार तक पहुंचाना जरूरी है और इस मुद्दे पर जल्द कार्रवाई होनी चाहिए।
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना
केजरीवाल ने बिहार और अन्य राज्यों में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई से सरकार की छवि कमजोर होती है और जनता में असंतोष बढ़ता है।
देश के युवाओं ने एक होकर आवाज़ उठाई तो धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना पड़ा। E20 पर भी हमें एक होकर आवाज़ उठानी पड़ेगी।
इस शनिवार हम ‘नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E20’ आयोजित कर रहे हैं, जिसमें शामिल होकर आप E20 पर अपनी बात रख सकते हैं। आप इसमें ऑनलाइन भी शामिल हो सकते हैं। आप सभी… pic.twitter.com/PacK9aVocX
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 27, 2026
पेपर लीक कानून पर केजरीवाल का बयान
केंद्र सरकार के नए पेपर लीक विरोधी कानून पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने कहा कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे लागू करने की इच्छाशक्ति भी जरूरी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अगर पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मंशा नहीं होगी तो कोई भी कानून प्रभावी साबित नहीं होगा। उन्होंने पुराने मामलों का हवाला देते हुए सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
पंजाब और दिल्ली के शिक्षा मॉडल का बचाव
पेपर लीक मामले को लेकर पंजाब के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर केजरीवाल ने अपनी सरकारों के रिकॉर्ड का बचाव किया।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में उनकी पार्टी के दस साल के शासन के दौरान कोई पेपर लीक नहीं हुआ। वहीं पंजाब में भी पिछले वर्षों में ऐसी कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई। उन्होंने बताया कि एक मामले में दो छात्रों ने स्मार्ट पेन के जरिए नकल करने की कोशिश की थी, जिन्हें तुरंत पकड़ लिया गया।
केजरीवाल ने पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में सुधार का दावा करते हुए कहा कि 2022 से पहले पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में काफी पीछे था, लेकिन अब राज्य ने बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि यही बदलाव विपक्ष को परेशान कर रहा है।
ई-20 विवाद पर बढ़ी राजनीतिक हलचल
ई-20 मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी ने इसे जनता से जुड़े विषय के रूप में पेश किया है और देशभर में समर्थन जुटाने की रणनीति बनाई है। पार्टी का कहना है कि राष्ट्रीय टाउन हॉल और याचिका अभियान के जरिए लोगों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
वहीं, इस पूरे मामले पर केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार है। आने वाले दिनों में ई-20 विवाद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

