मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा कर अधिकारियों को नालों के निरीक्षण व डी-सिल्टिंग की गुणवत्ता जांच के निर्देश दिए। प्रदेश में जलभराव रोकने पर जोर।
प्रदेश में मानसून से पहले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने सभी संबंधित विभागों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि शहरी क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त किया जाए।
शहरी नालों का भौतिक निरीक्षण अनिवार्य
मुख्य सचिव ने प्रदेशभर में तैनात आईएएस एवं एचसीएस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शहरी नालों का मौके पर जाकर भौतिक निरीक्षण करें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जल निकासी प्रणाली में किसी प्रकार की बाधा न रहे।
also read: हरियाणा विजन 2047 को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता…
डी-सिल्टिंग कार्यों की गुणवत्ता जांच पर जोर
उन्होंने प्री-मानसून डी-सिल्टिंग (गाद निकासी) कार्यों की गुणवत्ता की भी कड़ाई से जांच करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि सफाई कार्य केवल कागजों पर नहीं बल्कि वास्तविक रूप से प्रभावी होना चाहिए, ताकि बारिश के दौरान नालों में पानी का बहाव सुचारू रूप से हो सके।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा करते हुए प्रदेशभर में आईएएस एवं एचसीएस अधिकारियों को शहरी नालों का भौतिक निरीक्षण करने तथा प्री-मानसून डी-सिल्टिंग (गाद निकासी) कार्यों की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश के सभी शहरी स्थानीय… pic.twitter.com/XjFkLlt1tt
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 26, 2026
जलभराव रोकने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी शहरी स्थानीय निकायों में ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत किया जाए। इसके साथ ही निरीक्षण, निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है ताकि किसी भी शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का लक्ष्य मानसून से पहले सभी आवश्यक तैयारियों को पूरा करना है, जिससे नागरिकों को बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और शहरी क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी बनी रहे।

