अरविंद केजरीवाल ने केरल की मुफ्त बस यात्रा योजना की सराहना की, इसे महिला सशक्तिकरण और जनकल्याणकारी नीतियों की दिशा में प्रेरणादायक कदम बताया।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केरल सरकार द्वारा महिलाओं के लिए शुरू की गई मुफ्त बस यात्रा योजना की सराहना करते हुए राज्य की महिलाओं को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली और पंजाब में लागू की गई जनकल्याणकारी नीतियां अब अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।
सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने संदेश में केजरीवाल ने लिखा कि यह देखना उत्साहजनक है कि अन्य राज्य सरकारें भी ऐसी योजनाएं अपना रही हैं, जिनका उद्देश्य आम जनता के जीवन को आसान बनाना है। उन्होंने कहा, “केरल की महिलाओं को बधाई। दिल्ली और पंजाब में हमारी सरकारों द्वारा शुरू की गई योजनाएं अब अन्य राज्यों को भी इसी तरह की प्रभावशाली कल्याणकारी पहल करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।”
महिलाओं की यात्रा को सस्ता और सुलभ बनाने की पहल
केजरीवाल ने दिल्ली में महिलाओं के लिए शुरू की गई मुफ्त बस यात्रा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह की पहलें महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। उनके अनुसार, सार्वजनिक परिवहन में मुफ्त या रियायती यात्रा से महिलाओं को आर्थिक राहत मिलती है और उनकी गतिशीलता बढ़ती है।
उन्होंने कहा कि इस योजना से महिलाओं को रोजगार के अवसर तलाशने में मदद मिलेगी और छात्राओं को शिक्षा प्राप्त करने के लिए यात्रा खर्च की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। इससे महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
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केरल सरकार का चुनावी वादा पूरा
केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार ने अपने एक महत्वपूर्ण चुनावी वादे को पूरा करते हुए इस मुफ्त बस यात्रा योजना की शुरुआत की है। इस योजना का औपचारिक शुभारंभ सोमवार को तिरुवनंतपुरम में किया गया।
उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशान ने इस योजना को “नए केरल के निर्माण की दिशा में निर्णायक कदम” बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य की महिलाओं को सम्मान देने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
महिलाओं को मिलेगा सीधा लाभ
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस योजना से राज्य भर की हजारों महिला यात्रियों को लाभ मिलेगा। इससे न केवल उनका दैनिक यात्रा खर्च कम होगा, बल्कि शिक्षा, रोजगार और अन्य सार्वजनिक सेवाओं तक उनकी पहुंच भी बेहतर होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी योजनाएं महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और समाज में उनकी भूमिका को मजबूत करने में अहम योगदान देती हैं।

