जयपुर के सवाई मानसिंह इंडोर स्टेडियम में प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किसानों को रसायन-मुक्त खेती अपनाने और आत्मनिर्भर कृषि को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित सवाई मानसिंह इंडोर स्टेडियम में भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किसानों को संबोधित करते हुए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को रसायन-मुक्त और प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करना है, जिससे खेती की लागत में कमी आए, भूमि की उर्वरता बनी रहे और किसानों की आय में वृद्धि हो सके।
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प्राकृतिक खेती को बताया भविष्य की दिशा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल कृषि पद्धति नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर कृषि, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक प्राकृतिक खेती अपनाएं।
आज जयपुर स्थित सवाई मानसिंह इंडोर स्टेडियम में भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला को संबोधित किया।
हमारी सरकार का प्रयास है कि किसानों को प्राकृतिक एवं रसायन-मुक्त खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए, जिससे खेती की लागत कम हो, भूमि… pic.twitter.com/SjtxxShD4U
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) June 12, 2026
कार्यक्रम में कई गणमान्य नेताओं की मौजूदगी
इस अवसर पर कई प्रमुख नेता और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं: राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे, गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री (संगठन), उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष इन सभी ने भी प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।
किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
कार्यशाला में वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि प्राकृतिक खेती से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता भी लंबे समय तक बनी रहेगी। साथ ही यह पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी सहायक है।

