AAP नेता बलतेज पन्नू ने शिरोमणि अकाली दल पर बेअदबी मामलों, प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई और जांच प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (AAP) के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) पर तीखा हमला बोलते हुए बेअदबी से जुड़े पुराने मामलों और उनकी जांच प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। पन्नू ने आरोप लगाया कि अकाली दल के शासनकाल के दौरान गुरु साहिबान के सम्मान से जुड़े मामलों में गंभीर लापरवाही बरती गई।
बेअदबी मामलों को लेकर अकाली दल पर सवाल
बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब के इतिहास में बेअदबी की घटनाएं बेहद संवेदनशील विषय रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के दौरान तत्कालीन सरकार लोगों की भावनाओं के अनुरूप कार्रवाई करने में विफल रही। पन्नू के अनुसार, जनता आज भी उन घटनाओं के जवाब की प्रतीक्षा कर रही है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई का आरोप
AAP नेता ने दावा किया कि बेअदबी की घटनाओं के विरोध में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे सिख श्रद्धालुओं और संगठनों के साथ सख्ती बरती गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की घटनाएं हुईं, जिसने पूरे राज्य में आक्रोश पैदा किया था।
जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठाए प्रश्न
बलतेज पन्नू ने जांच प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि घटनाओं की जांच के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी की गईं और पूरी सच्चाई जनता के सामने नहीं लाई गई। उनके अनुसार, जांच रिपोर्ट के महत्वपूर्ण हिस्सों को सार्वजनिक नहीं किया गया, जिससे मामले को लेकर संदेह और बढ़ा।
‘ਆਪ’ ਦੇ ਮੀਡੀਆ ਇੰਚਾਰਜ @BaltejPannu ਨੇ ਖੋਲ੍ਹੇ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੇ ਕੱਚੇ ਚਿੱਠੇ !!
👉 ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਵੇਲ਼ੇ ਹੋਈਆਂ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬਾਨਾਂ ਦੀਆਂ ਬੇਅਦਬੀਆਂ
👉 ਇਸ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਸ਼ਾਂਤਮਈ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕਰ ਰਹੀ ਸਿੱਖ ਸੰਗਤ ‘ਤੇ ਚਲਵਾਈਆਂ ਗਈਆਂ ਗੋਲ਼ੀਆਂ
👉 ਘਟਨਾ ਦੀ ਜਾਂਚ ਦੇ ਨਾਮ ‘ਤੇ ਖ਼ਾਨਾਪੂਰਤੀ ਕਰਕੇ ਅੱਧੀ ਰਿਪੋਰਟ ਹੀ ਕਰ… pic.twitter.com/fXnpJl2hVM— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 11, 2026
जनता को जवाब देने की जरूरत: पन्नू
AAP मीडिया इंचार्ज ने कहा कि पंजाब की जनता इन मुद्दों को भूली नहीं है और राजनीतिक दलों को अपने कार्यकाल में हुई घटनाओं के लिए जवाबदेह होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण होती है।
पंजाब की राजनीति में फिर गर्माया मुद्दा
बलतेज पन्नू के बयान के बाद पंजाब की राजनीति में एक बार फिर बेअदबी और उससे जुड़े मामलों को लेकर बहस तेज हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में भी राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।

