मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विकास कार्यों की गुणवत्ता जांच के लिए उच्च स्तरीय लैब और नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए। हरियाणा इंजीनियरिंग पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड होगी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य में चल रहे सभी सिविल विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी स्तर पर निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विकास परियोजनाएं निर्धारित मानकों के अनुसार पूरी की जाएं और उनकी नियमित निगरानी की जाए।
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उच्च स्तरीय लैब विकसित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच को और मजबूत करने के लिए एक उच्च स्तरीय प्रयोगशाला (लैब) विकसित की जाए। इससे सड़कों, भवनों और अन्य सिविल कार्यों की गुणवत्ता की बेहतर और वैज्ञानिक तरीके से जांच संभव होगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी परियोजनाएं टिकाऊ और मानक अनुरूप हों।
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि प्रदेश में सभी सिविल कार्यों की गुणवत्ता जांच के लिए उच्च स्तरीय लैब विकसित की जाए तथा विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चल… pic.twitter.com/tKJ44ghjbL
— DPR Haryana (@DiprHaryana) May 27, 2026
नियमित निरीक्षण और रिपोर्टिंग पर जोर
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चल रहे सभी विकास कार्यों का नियमित निरीक्षण किया जाए। इसके साथ ही निरीक्षण रिपोर्ट को समय-समय पर हरियाणा इंजीनियरिंग पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। इस कदम का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और परियोजनाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
जवाबदेही तय करने की व्यवस्था मजबूत होगी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि हर विकास कार्य में जवाबदेही तय की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी को तुरंत रोका जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि जनता को बेहतर और टिकाऊ बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाए।

