मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार पर महंगाई, आर्थिक स्थिति छुपाने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप के आरोप लगाते हुए पंजाब में मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया की निगरानी का भरोसा दिया।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए देश की आर्थिक स्थिति, बढ़ती महंगाई, नागरिकों पर लगाए जा रहे प्रतिबंधों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में कथित हस्तक्षेप जैसे कई गंभीर मुद्दों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश की जनता को वास्तविक आर्थिक स्थिति से अनजान रखा जा रहा है और आम लोगों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने विभिन्न राज्यों में चुनावों के दौरान ईंधन की कीमतों को जानबूझकर स्थिर रखा, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही तेल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि आम नागरिकों को महंगाई के दबाव में धकेला जा रहा है जबकि वास्तविक आर्थिक स्थिति के बारे में पारदर्शिता नहीं दिखाई जा रही।
देश की आर्थिक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग
मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि देश के लोगों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि तेल, गैस और सोने के भंडारों की वास्तविक स्थिति क्या है। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार को इस विषय पर पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए ताकि नागरिकों को देश की आर्थिक परिस्थितियों की सही जानकारी मिल सके।
उन्होंने कहा कि यदि देश की आर्थिक स्थिति मजबूत है तो सरकार को तथ्यों को जनता के सामने रखने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आम लोगों को वास्तविक हालात से दूर रखा जा रहा है और केवल दिखावटी तस्वीर पेश की जा रही है।
महंगाई को लेकर केंद्र पर गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बढ़ती महंगाई को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। परिवहन से लेकर घरेलू जरूरतों तक हर क्षेत्र में महंगाई बढ़ती जा रही है, जिससे मध्यम वर्ग और गरीब परिवार सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का हवाला देकर बार-बार कीमतों में बढ़ोतरी को उचित ठहराया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि आम नागरिक लगातार आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को जनता को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
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मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया पर सरकार की नजर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब में शुरू होने वाली मतदाता सूची विशेष संशोधन प्रक्रिया को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम सूची से न हटाया जाए और न ही किसी नकली मतदाता का नाम जोड़ा जाए।
उन्होंने बताया that पार्टी कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों को इस प्रक्रिया पर बारीकी से नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था की पवित्रता बनी रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ी लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है और पंजाब में ऐसी किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया पर निर्भर करती है और सरकार इस दिशा में पूरी सतर्कता के साथ कार्य करेगी।
लोकतंत्र और राज्यसभा प्रतिनिधित्व पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्यसभा प्रतिनिधित्व को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब में भाजपा के सीमित विधायकों के बावजूद राज्यसभा में पार्टी का अधिक प्रतिनिधित्व लोकतांत्रिक भावना के विपरीत है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव और जोड़तोड़ के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में राष्ट्रपति के समक्ष भी मामला उठाया गया है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा के लिए कड़ा कानून
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम 2026 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कानून लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है। उन्होंने कहा कि इस कानून का उद्देश्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता और सम्मान की रक्षा करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इतना कठोर कानून बनाया है कि भविष्य में कोई भी इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देने की हिम्मत नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि दुनिया भर की सिख संगत ने इस कानून का स्वागत किया है और इसे ऐतिहासिक कदम बताया है।
उन्होंने कहा कि गुरबाणी पूरी मानवता के कल्याण का संदेश देती है और उसकी गरिमा बनाए रखना समाज का सामूहिक दायित्व है। पंजाब सरकार इस कानून को पूरी गंभीरता और सख्ती के साथ लागू करेगी।
जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध सरकार
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार जनता के हितों की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसेवा के माध्यम से लोगों का विश्वास मजबूत करना है।
उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए लोगों को जागरूक रहना होगा और किसी भी प्रकार की गलत गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठानी होगी। कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने भी मुख्यमंत्री के विचारों का समर्थन करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने की बात कही।

