बागपत की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म, योगियों की परंपरा, बागपत के ऐतिहासिक महत्व और डबल इंजन सरकार के विकास मॉडल पर बड़ा बयान दिया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बागपत में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सनातन परंपरा, योगियों की ऐतिहासिक भूमिका और प्रदेश के विकास को लेकर बड़ा बयान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन काल में योगी केवल गुफाओं और कंदराओं तक सीमित नहीं थे, बल्कि जब भी देश, धर्म और संस्कृति पर संकट आया, उन्होंने समाज को संगठित कर विदेशी आक्रांताओं को मुंहतोड़ जवाब दिया।
मुख्यमंत्री का यह बयान राजनीतिक और धार्मिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने अपने संबोधन में बागपत की ऐतिहासिक विरासत, किसान आंदोलन की भूमि, जाट समाज की भूमिका और प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया।
महाभारत काल से जुड़ी है बागपत की पहचान
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बागपत की धरती केवल राजनीतिक दृष्टि से नहीं बल्कि धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण ने कौरवों से जो पांच गांव मांगे थे, उनमें बागपत भी शामिल था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भूमि सदियों से संघर्ष, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की प्रतीक रही है। यहां की मिट्टी में वीरता और मेहनत दोनों की ताकत मौजूद है। उन्होंने कहा कि बागपत ने देश को कई ऐसे नेता और व्यक्तित्व दिए जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
चौधरी चरण सिंह को किया याद
जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह किसानों के सच्चे नेता थे और उन्होंने हमेशा ग्रामीण भारत और किसानों की आवाज को मजबूत किया।
सीएम योगी ने कहा कि बागपत की धरती चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि रही है और यहां के किसानों ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई है।
जाट समाज की मेहनत और उपलब्धियों की सराहना
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में जाट समाज की मेहनत और क्षमता की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि अक्सर कुछ लोग जाट समाज को केवल खेती तक सीमित मानते हैं, लेकिन इस समाज ने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित की है।
उन्होंने बागपत के रहने वाले पूर्व पुलिस अधिकारी सत्यपाल सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने मुंबई पुलिस आयुक्त बनकर पूरे देश में अपनी पहचान बनाई और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सीएम योगी ने कहा कि मेहनत, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति जाट समाज की पहचान रही है और यही वजह है कि इस समाज ने देश निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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सनातन धर्म को बताया सहिष्णु और मानवता का प्रतीक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म की विशेषताओं पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म ने कभी किसी को जबरन गुलाम बनाने या किसी की भूमि पर कब्जा करने की नीति नहीं अपनाई।
उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति हमेशा से “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना पर आधारित रही है। यहां हर धर्म और विचारधारा का सम्मान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म मानवता, सहिष्णुता और करुणा का प्रतीक है।
आक्रांताओं का नाम मिट गया, तीर्थ स्थल फिर हुए भव्य
मुख्यमंत्री ने विदेशी आक्रमणों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन लोगों ने भारत के मंदिरों और तीर्थ स्थलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, आज उनका अस्तित्व इतिहास के पन्नों तक सीमित हो गया है।
उन्होंने कहा कि दूसरी ओर भारत के पवित्र तीर्थ स्थल आज फिर भव्य रूप में दुनिया के सामने खड़े हैं। काशी और अयोध्या का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि देश अपनी सांस्कृतिक पहचान को पुनर्जीवित कर रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण केवल धार्मिक उपलब्धि नहीं बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है।
“संकट में साथ खड़ा होने वाला ही सच्चा संत”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सच्चा संत वही होता है जो संकट के समय समाज के साथ खड़ा हो। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी देश और धर्म पर संकट आया, संतों और योगियों ने समाज का नेतृत्व किया और लोगों को संगठित किया।
उन्होंने गुरु गोरखनाथ की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि योगियों ने हमेशा राष्ट्र और समाज की रक्षा के लिए संघर्ष किया है।
डबल इंजन सरकार पर जताया भरोसा
राजनीतिक संदर्भ में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उत्तर प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जा रही हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के कारण प्रदेश में तेजी से सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में काम हो रहा है।
उन्होंने राष्ट्रीय लोकदल और जयंत चौधरी का नाम लेते हुए कहा कि सभी मिलकर प्रदेश को मजबूत और विकसित बनाने के लिए काम कर रहे हैं।
विकास और संस्कृति साथ-साथ
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के अंत में कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल कानून व्यवस्था और विकास के लिए ही नहीं बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत के पुनर्जागरण के लिए भी पहचाना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तर प्रदेश बनाना है जहां विकास के साथ-साथ संस्कृति, आस्था और परंपराओं का भी सम्मान हो। जनसभा के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और मुख्यमंत्री के भाषण पर जोरदार समर्थन देखने को मिला।

