मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने संगरूर से मेरी रसोई योजना की शुरुआत करते हुए 40 लाख गरीब परिवारों को पौष्टिक राशन किट, मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा और राहत योजनाओं का लाभ देने का ऐलान किया।
पंजाब सरकार ने राज्य के गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत देते हुए “मुख्यमंत्री मेरी रसोई योजना” की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने संगरूर जिले के गांव भलवान से इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ करते हुए जरूरतमंद परिवारों को राशन किट वितरित की। सरकार का दावा है कि यह योजना देश में जरूरतमंद परिवारों को पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की सबसे बड़ी पहलों में से एक साबित होगी।
इस योजना के तहत पंजाब के लगभग 40 लाख गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को हर तीन महीने बाद विशेष राशन किट उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रत्येक किट में 2 किलो चने की दाल, 2 किलो चीनी, 1 किलो नमक, 200 ग्राम हल्दी और 1 लीटर सरसों का तेल दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य बढ़ती महंगाई के दौर में परिवारों के रसोई खर्च को कम करना और बच्चों सहित पूरे परिवार के पोषण स्तर में सुधार लाना है।
योजना के शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार केवल घोषणाएं करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों को राहत पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं, महिलाओं के लिए सहायता योजनाओं और किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाने जैसी पहलों के माध्यम से हर वर्ग के जीवन को आसान बनाने में जुटी हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने कल्याणकारी योजनाओं को केवल गेहूं और राशन वितरण तक सीमित रखा, लेकिन मौजूदा सरकार ने लोगों की वास्तविक जरूरतों को समझते हुए रसोई की आवश्यक वस्तुओं को भी योजना में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी परिवार आर्थिक तंगी के कारण पौष्टिक भोजन से वंचित न रहे, यही सरकार का मुख्य उद्देश्य है।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए पौष्टिक भोजन बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को सही पोषण मिलेगा तो वे शिक्षा, खेल और अन्य गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। सरकार चाहती है कि राज्य का कोई भी बच्चा कमजोरी या कुपोषण का शिकार न हो।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं की भूमिका का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना खासतौर पर उन महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है जो घर की रसोई और परिवार की जिम्मेदारियां संभालती हैं। उन्होंने कहा कि जब घर की रसोई मजबूत होगी तभी समाज और राज्य मजबूत बनेगा।
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उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब में लगभग 90 प्रतिशत परिवारों को अब शून्य बिजली बिल मिल रहे हैं। इससे परिवारों को घरेलू खर्च चलाने में काफी राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि लोगों की आमदनी का बड़ा हिस्सा शिक्षा, स्वास्थ्य और बच्चों के भविष्य पर खर्च हो सके, न कि केवल रोजमर्रा की आवश्यकताओं में खत्म हो जाए।
कृषि और सिंचाई व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने किसानों के लिए दिन के समय निर्बाध बिजली सप्लाई सुनिश्चित की है ताकि उन्हें रात में खेतों में काम करने की परेशानी न झेलनी पड़े। इसके साथ ही राज्य में नहरी सिंचाई प्रणाली को मजबूत करने के लिए हजारों किलोमीटर लंबी रजवाहों, खालों और पाइपलाइनों का पुनर्निर्माण और विस्तार किया गया है।
उन्होंने कहा कि इससे किसानों की ट्यूबवेल पर निर्भरता कम होगी और भूजल स्तर को बचाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इसे पंजाब के कृषि भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम बताया।
महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि “मावां-धीयां सत्कार योजना” के तहत महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस योजना के लिए पंजीकरण प्रक्रिया जारी है और पात्र महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहयोग मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत राज्य के लोगों को 10 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में नकद रहित इलाज की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में अब किसी भी परिवार को इलाज के लिए अपनी जमीन या कीमती सामान बेचने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
भगवंत सिंह मान ने बताया कि राज्य में लाखों स्वास्थ्य कार्ड पहले ही जारी किए जा चुके हैं और सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा लगातार बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक आसानी से पहुंचाने के लिए जटिल प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कई महिलाओं और बुजुर्गों को बायोमेट्रिक सत्यापन में परेशानी का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब सरकार ने फोटो आधारित सत्यापन प्रणाली लागू करके प्रक्रिया को आसान बना दिया है। इससे ज्यादा से ज्यादा लोग योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।
उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा के लिए बनाए गए नए कानून का भी उल्लेख किया और कहा कि पंजाब सरकार बेअदबी की घटनाओं के खिलाफ पूरी सख्ती से कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानून में कठोर सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार की घटना को अंजाम देने की हिम्मत न कर सके।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि “मुख्यमंत्री मेरी रसोई योजना” पंजाब सरकार की सबसे बड़ी जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक बन सकती है। बढ़ती महंगाई और घरेलू खर्चों के बीच यह योजना गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
समारोह के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, पंचायत प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। लोगों ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे लाखों परिवारों को राहत मिलेगी और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार आएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अंत में कहा कि उनकी सरकार “रंगला पंजाब” के सपने को साकार करने के लिए लगातार काम कर रही है और आने वाले समय में लोगों के जीवन को और बेहतर बनाने के लिए कई नई योजनाएं शुरू की जाएंगी।

