बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून से पंजाब में बढ़ा भरोसा, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा और अकाली नेतृत्व पर साधा निशाना
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की घटनाओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार संशोधन कानून 2026 लागू होने के बाद अब कोई भी व्यक्ति इस प्रकार के घिनौने अपराध को अंजाम देने की हिम्मत नहीं करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में अमन-शांति और सांप्रदायिक सद्भावना बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी कीमत पर नफरत की राजनीति को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
चार दिवसीय शुक्राना यात्रा के समापन अवसर पर श्री फतेहगढ़ साहिब में आयोजित विशाल समागम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के लोगों द्वारा दिए गए समर्थन और प्यार के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक नहीं थी, बल्कि यह पंजाब की एकता, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का भी संदेश लेकर आई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा की शुरुआत श्री आनंदपुर साहिब स्थित तख्त श्री केसगढ़ साहिब से हुई थी और इस दौरान उन्होंने तख्त श्री दमदमा साहिब, श्री दरबार साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, गुरुद्वारा मस्तूआणा साहिब और गुरुद्वारा श्री दुःख निवारण साहिब सहित कई पवित्र स्थलों पर माथा टेका। उन्होंने कहा कि इन धार्मिक स्थलों से पंजाब की जनता को अन्याय और अत्याचार के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा मिलती है।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब की धरती हमेशा से शांति, भाईचारे और मानवता की मिसाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें राज्य में सांप्रदायिक तनाव पैदा कर माहौल खराब करना चाहती हैं, लेकिन पंजाब के लोग ऐसी राजनीति को कभी सफल नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में नफरत की राजनीति का कोई स्थान नहीं है और यहां के लोग हमेशा प्रेम और सद्भाव के साथ आगे बढ़े हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा पारित नया कानून बेअदबी की घटनाओं के खिलाफ एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने लोगों से गांव-गांव जाकर इस कानून के बारे में जागरूकता फैलाने की अपील की ताकि समाज में यह स्पष्ट संदेश जाए कि धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए, जिसके कारण कई बार राज्य की शांति भंग हुई। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब उनकी सरकार ने स्पष्ट नीति और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ ऐसा कानून लागू किया है, जो भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाने में प्रभावी साबित होगा।
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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने संबोधन के दौरान अकाली नेतृत्व पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों के शासनकाल में पंजाब में नशे का कारोबार बढ़ा और युवाओं की एक पूरी पीढ़ी प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग उन नेताओं को कभी माफ नहीं करेंगे जिन्होंने सत्ता के दौरान राज्य के हितों की अनदेखी की।
उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों ने अब बदलाव का रास्ता चुना है और राज्य की जनता पारदर्शी तथा जवाबदेह सरकार चाहती है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मौजूदा सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर लगातार काम कर रही है, जबकि विपक्ष केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित है।
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है और सांप्रदायिक मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए उछाला जा रहा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट कहा कि पंजाब के लोग हमेशा एकजुट रहेंगे और किसी भी प्रकार की फूट डालने वाली राजनीति को स्वीकार नहीं करेंगे।
भगवंत सिंह मान ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब ने हमेशा अन्याय और अत्याचार का डटकर सामना किया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार इतिहास में पंजाब के वीरों ने बाहरी ताकतों के खिलाफ संघर्ष किया, उसी तरह आज भी पंजाब नफरत और दमनकारी राजनीति के खिलाफ मजबूती से खड़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने और पंजाब की सांप्रदायिक एकता को मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब की असली ताकत यहां का भाईचारा और लोगों का आपसी विश्वास है, जिसे किसी भी हालत में टूटने नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार युवाओं को नशे से बचाने, शिक्षा के अवसर बढ़ाने और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बड़े स्तर पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य का भविष्य मजबूत तभी होगा जब युवा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेंगे और समाज में शांति तथा विकास का माहौल कायम रहेगा।
समागम के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और मुख्यमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना। कार्यक्रम में लोगों ने राज्य में शांति और भाईचारे को बनाए रखने के संकल्प को दोहराया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बेअदबी विरोधी कानून और धार्मिक सौहार्द को लेकर सरकार की सख्ती आने वाले समय में पंजाब की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकती है। वहीं सरकार इसे कानून व्यवस्था और सामाजिक सद्भावना को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम बता रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अंत में कहा कि पंजाब की जनता हमेशा सच, न्याय और भाईचारे के साथ खड़ी रही है और भविष्य में भी राज्य की एकता तथा शांति को हर हाल में सुरक्षित रखा जाएगा।

