बठिंडा ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित धन्यवाद यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने ‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब सम्मान कानून 2026’ को लेकर समर्थन जताया, वहीं जनकल्याण और धार्मिक सम्मान को लेकर बड़ा संदेश दिया गया।
पंजाब के बठिंडा ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित धन्यवाद यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं और दूर-दराज से पहुंचे लोगों ने इस यात्रा में शामिल होकर धार्मिक सम्मान, जनसेवा और सामाजिक एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान लोगों के प्यार, विश्वास और समर्थन को जनसेवा की सबसे बड़ी ताकत बताया गया।
धन्यवाद यात्रा के दौरान कहा गया कि ‘जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सम्मान कानून 2026’ केवल एक कानून नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, सम्मान और धार्मिक भावनाओं की रक्षा का संकल्प है। इस कानून को लेकर लोगों में व्यापक समर्थन और सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली।
लोगों के स्नेह और समर्थन से भावुक हुआ माहौल
बठिंडा ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित इस यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने पूरे माहौल को भावुक बना दिया। कार्यक्रम में पहुंचे बुजुर्गों, माताओं-बहनों और युवाओं ने धार्मिक सम्मान और समाज की भलाई के लिए किए जा रहे प्रयासों का समर्थन किया।
लोगों ने कहा कि धार्मिक ग्रंथों और आस्था का सम्मान हर समाज की जिम्मेदारी होती है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने यह भी कहा कि समाज को बांटने और धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों को जनता अब अच्छी तरह समझ चुकी है।
‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब सम्मान कानून 2026’ को बताया ऐतिहासिक कदम
कार्यक्रम के दौरान कहा गया कि ‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब सम्मान कानून 2026’ धार्मिक सम्मान और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस कानून का उद्देश्य धार्मिक ग्रंथों और आस्था के प्रतीकों के सम्मान को सुनिश्चित करना है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके जो समाज की भावनाओं को आहत करती हैं।
धार्मिक जानकारों का मानना है कि पंजाब में लंबे समय से लोग ऐसे सख्त कानून की मांग कर रहे थे। यही वजह है कि इस कानून को लेकर आम लोगों में उत्साह और समर्थन देखने को मिल रहा है।
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विरोधियों पर साधा निशाना
कार्यक्रम के दौरान बिना नाम लिए उन लोगों पर भी निशाना साधा गया जो धर्म और समाज के नाम पर राजनीति करने के आरोपों का सामना कर रहे हैं। कहा गया कि जिन्होंने समाज की भावनाओं और सम्मान को ठेस पहुंचाई, उन्हें जनता सबक सिखाने के लिए तैयार है।
साथ ही यह भी कहा गया कि समाज को झूठ और नफरत की राजनीति से दूर रखकर विकास, भाईचारे और धार्मिक सम्मान के रास्ते पर आगे बढ़ाने की जरूरत है। लोगों से शांति, एकता और आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील भी की गई।
जनकल्याण और सेवा को बताया सबसे बड़ा धर्म
धन्यवाद यात्रा के दौरान जनसेवा और लोगों की भलाई को सबसे बड़ा धर्म बताया गया। कहा गया कि सरकार हर समय लोगों के हितों की रक्षा और समाज के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। गांवों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने भी रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। कई लोगों ने पंजाब में शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया।
धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का दिखा संदेश
पूरे कार्यक्रम में धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता की झलक देखने को मिली। लोगों ने कहा कि पंजाब की पहचान भाईचारे, सेवा और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ी हुई है। ऐसे में समाज को जोड़ने वाले प्रयासों को और मजबूत करने की जरूरत है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम केवल राजनीतिक आयोजन नहीं होते बल्कि लोगों के बीच विश्वास और संवाद बढ़ाने का माध्यम भी बनते हैं। बठिंडा ग्रामीण में आयोजित यह धन्यवाद यात्रा भी लोगों के भावनात्मक जुड़ाव और सामाजिक एकता का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई।
दूर-दराज से पहुंचे लोगों ने जताया विश्वास
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कई लोग दूर-दराज के इलाकों से भी पहुंचे। लोगों ने कहा कि धार्मिक सम्मान और समाज की भलाई से जुड़े मुद्दों पर वे हमेशा एकजुट रहेंगे। महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने भी कार्यक्रम को खास बना दिया।
अंत में लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि जनता का प्यार, विश्वास और समर्थन ही आगे बढ़ने की सबसे बड़ी प्रेरणा है और जनकल्याण के लिए हर स्तर पर काम जारी रहेगा।

