अप्रैल 2026 में भगवंत सिंह मान सरकार ने वैट और PSDT में बड़ी बढ़ोतरी के साथ 265 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व जुटाकर नया रिकॉर्ड बनाया।
पंजाब की अर्थव्यवस्था ने अप्रैल 2026 में एक मजबूत और उल्लेखनीय प्रदर्शन दर्ज किया है, जहां राज्य सरकार ने कर संग्रह के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हरपाल सिंह चीमा द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, राज्य ने वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) और पंजाब स्टेट डेवलपमेंट टैक्स (PSDT) दोनों में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज करते हुए कुल लगभग 265 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया है। यह उपलब्धि न केवल राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत करती है बल्कि सरकार की प्रभावी कर नीति और प्रशासनिक सुधारों का भी प्रमाण है।
वित्त मंत्री ने बताया कि अप्रैल 2026 में वैट संग्रह में 23.28% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई, जिससे राज्य के खजाने में लगभग 230 करोड़ रुपये का अतिरिक्त योगदान हुआ। यह वृद्धि दर्शाती है कि सरकार द्वारा लागू की गई निगरानी प्रणाली और कर अनुपालन तंत्र पहले से कहीं अधिक प्रभावी हो चुके हैं। इसके साथ ही, PSDT संग्रह में भी 20.43% की बढ़ोतरी हुई, जिससे लगभग 35 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ।
भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने कर प्रशासन को पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर विशेष ध्यान दिया है। सरकार ने कर चोरी पर सख्ती के साथ-साथ ईमानदार करदाताओं को सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में संतुलित कदम उठाए हैं। इस रणनीति के परिणामस्वरूप राज्य में कर संग्रह में निरंतर सुधार देखने को मिल रहा है।
also read : “‘मैं रोना चाहता हूं…’ सलमान खान का टूटा दिल, 42 साल पुराने दोस्त सुशील कुमार के निधन से छलका दर्द”
हरपाल सिंह चीमा ने इस उपलब्धि का श्रेय उन्नत निगरानी प्रणाली, मजबूत लागूकरण और करदाताओं के लिए बेहतर सुविधाओं को दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि एक निष्पक्ष और पारदर्शी कर प्रणाली स्थापित करना है, जिससे करदाताओं का विश्वास और सहभागिता दोनों बढ़े।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि पंजाब की आर्थिक स्थिरता और विकास के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इससे राज्य को विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण योजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में भी टैक्स चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, वहीं करदाताओं के लिए प्रक्रियाओं को और सरल बनाया जाएगा। इस संतुलित नीति के चलते पंजाब की अर्थव्यवस्था में स्थायी विकास की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं।

