नूंह के दादू गांव में सरकारी नर्सिंग कॉलेज बनने से स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
हरियाणा सरकार ने नूंह जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए दादू गांव में सरकारी नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने की योजना को आगे बढ़ाया है। आरती सिंह राव ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा उपलब्ध कराई गई जमीन को प्रशासनिक कमेटी ने इस परियोजना के लिए उपयुक्त पाया है, जिससे अब इस महत्वाकांक्षी योजना को साकार करने का रास्ता साफ हो गया है।
उन्होंने कहा कि नूंह जिला लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की कमी से जूझ रहा है, ऐसे में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना इस क्षेत्र के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होगी। वर्तमान में जिले में केवल एक नर्सिंग स्कूल संचालित है, जहां एएनएम की सीमित सीटें उपलब्ध हैं, जिसके कारण स्थानीय युवाओं को नर्सिंग शिक्षा के लिए अन्य जिलों का रुख करना पड़ता है। इस नई पहल से न केवल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर ही प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ तैयार किया जा सकेगा।
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स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि दादू गांव, जो तावडू ब्लॉक में स्थित है, इस कॉलेज के लिए रणनीतिक रूप से उपयुक्त स्थान है। यहां स्थापित होने वाला संस्थान आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी लाभकारी होगा, क्योंकि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना नूंह जैसे पिछड़े जिले में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जहां अभी भी बुनियादी सुविधाओं की कमी महसूस की जाती है।
उन्होंने आगे कहा कि इस प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज को शहीद हसन खान मेवाती गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से जोड़ा जा सकता है, जिससे छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण, क्लिनिकल अनुभव और रोजगार के अवसर मिलेंगे। इस समन्वय से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर भी बेहतर होगा और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध हो सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि नर्सिंग शिक्षा के विस्तार से न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में मानव संसाधन की कमी दूर होगी, बल्कि यह स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खोलेगा। इससे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी, क्योंकि प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता से स्वास्थ्य सेवाएं अधिक प्रभावी बनेंगी।
सरकार का यह कदम इस बात का संकेत है कि वह पिछड़े क्षेत्रों में भी बुनियादी ढांचे और सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। नूंह में बनने वाला यह नर्सिंग कॉलेज न केवल एक शैक्षणिक संस्थान होगा, बल्कि यह क्षेत्र के लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसरों का एक मजबूत आधार भी बनेगा।

