हरियाणा सरकार 5 मई से तंजानिया ट्रेड फेयर में भाग लेकर निर्यात बढ़ाने और वैश्विक निवेश आकर्षित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाएगी।
हरियाणा तेजी से वैश्विक व्यापार के मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है और राज्य को एक प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। इसी क्रम में हरियाणा के उद्योग, वाणिज्य एवं विदेशी सहयोग मंत्री राव नरबीर सिंह ने घोषणा की कि राज्य सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल 5 मई से तंजानिया के दार-एस-सलाम में आयोजित होने वाले 50वें अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में भाग लेने के लिए सात दिवसीय दौरे पर जाएगा। इस दौरान वहां हरियाणा पवेलियन स्थापित किया जाएगा, जिसमें राज्य की औद्योगिक और निर्यात क्षमता को प्रदर्शित किया जाएगा।
चंडीगढ़ में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा औद्योगिक विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘गो-ग्लोबल’ रणनीति के तहत अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही है और अफ्रीकी देशों के साथ व्यापारिक संबंधों को विस्तार देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि तंजानिया जैसे अफ्रीकी देशों में खनिज संसाधनों की प्रचुरता और कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, जिससे हरियाणा के उद्योगपतियों, किसानों और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इस दौरे में कृषि, आईटी, फार्मा और व्यापार से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे, जो विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और निवेश के अवसर तलाशने के लिए समझौते करेंगे।
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राव नरबीर सिंह ने बताया कि पिछले एक दशक में हरियाणा के निर्यात में लगभग 395 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों और बेहतर निवेश माहौल का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार निर्यातकों को प्रोत्साहित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है, जिनमें 80 प्रतिशत से अधिक उत्पादन निर्यात करने वाली इकाइयों को विशेष मान्यता देना शामिल है।
इसके अलावा, राज्य सरकार ने एक्सपोर्ट फ्रेट सब्सिडी को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये प्रति यूनिट प्रति वर्ष करने का निर्णय लिया है, जिससे निर्यात लागत में कमी आएगी और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। साथ ही ‘एमएसएमई ग्लोबल इंडस्ट्रीज मैचिंग प्रोग्राम’ शुरू किया जा रहा है, जिसके तहत पहली बार रिवर्स बायर-सेलर मीट आयोजित होगी। इससे राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।
बैठक में विदेश सहयोग विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी. कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने हरियाणा को वैश्विक निवेश और व्यापार का केंद्र बनाने के लिए रणनीतियों पर चर्चा की।
विशेषज्ञों का मानना है कि तंजानिया जैसे उभरते बाजारों में हरियाणा की भागीदारी राज्य के निर्यात क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। इससे न केवल उद्योगों को लाभ होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

