हरियाणा विधानसभा में मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन करते हुए महिला सशक्तिकरण को देश की ताकत बताया।
हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में नारी शक्ति और महिला सशक्तिकरण का मुद्दा प्रमुखता से उभरा, जहां राज्य के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री Krishan Kumar Bedi ने महिलाओं की भूमिका को देश की असली ताकत बताते हुए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन में बोलते हुए कहा कि आज महिलाएं देश की हर महत्वपूर्ण इकाई में नेतृत्व कर रही हैं और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर Droupadi Murmu आसीन हैं, जबकि आर्थिक मोर्चे पर Nirmala Sitharaman देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती से संभाल रही हैं।
मंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं, बल्कि सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अतीत में जब भी महिला आरक्षण या सशक्तिकरण की बात आई, तब विपक्ष गंभीर नहीं रहा। उन्होंने कहा कि अब जब महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, तो कुछ दल इसे राजनीतिक नजरिए से देख रहे हैं, जबकि इसका उद्देश्य केवल महिलाओं को समान अधिकार और अवसर देना है।
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Narendra Modi के नेतृत्व में शुरू किए गए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि इस पहल ने हरियाणा जैसे राज्य में सामाजिक बदलाव की मजबूत नींव रखी। उन्होंने बताया कि एक समय था जब राज्य के कई जिलों में लिंगानुपात बेहद चिंताजनक था, लेकिन जागरूकता और सरकारी प्रयासों के चलते इसमें उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्र में महिलाओं के लिए कई योजनाएं लागू की हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं।
मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने यह भी कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार लगातार प्रयासरत हैं। हरियाणा में लड़कियों को ग्रेजुएशन तक मुफ्त शिक्षा, घर-घर जल योजना के तहत पानी की सुविधा, शौचालय निर्माण और सुरक्षा के लिए विभिन्न कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी प्रयास महिलाओं को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन देने के लिए किए जा रहे हैं।
विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि जब महिला आरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होती है, तब विपक्ष का रवैया सकारात्मक नहीं रहता। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार विपक्ष ने विकास से जुड़े मुद्दों जैसे डिजिटल भुगतान प्रणाली (UPI) का भी विरोध किया, जिसे आज देश की जनता बड़े पैमाने पर अपना चुकी है।
मंत्री ने हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini द्वारा लाए गए प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि यह महिलाओं के अधिकारों और सम्मान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में महिलाओं की भागीदारी राजनीति और प्रशासन में और बढ़ेगी, जिससे देश के विकास को नई दिशा मिलेगी।
अंत में उन्होंने कहा कि नारी को अधिकार और सम्मान देना भाजपा का मूल संकल्प है और सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य करती रहेगी। यह पूरा घटनाक्रम न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश में महिला सशक्तिकरण को लेकर चल रही बहस को और मजबूत करता है।

