हरियाणा सरकार ने गौवंश संरक्षण के लिए बजट 600 करोड़ किया, गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर।
हरियाणा में गौवंश संरक्षण और संवर्धन को लेकर सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता गौवंश की सुरक्षा के साथ-साथ गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे लंबे समय तक स्थायी रूप से कार्य कर सकें। उन्होंने बताया कि सरकार की गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन नीति के तहत गौशालाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है और उनके बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
मंत्री रणबीर गंगवा ने जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने गौशालाओं के बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है। जहां वर्ष 2014 से पहले यह बजट केवल 40 करोड़ रुपये वार्षिक था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 600 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह वृद्धि न केवल सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि गौवंश संरक्षण के प्रति गंभीरता का भी संकेत देती है। उन्होंने कहा कि इस बढ़े हुए बजट का उपयोग गौशालाओं में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल, चारे की व्यवस्था और आधुनिक प्रबंधन प्रणाली विकसित करने के लिए किया जाएगा।
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सरकार का लक्ष्य है कि गौशालाएं केवल सहायता पर निर्भर न रहें, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए ताकि वे अपने संसाधनों से ही संचालन कर सकें। इसके लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और वित्तीय सहयोग दिया जा रहा है। मंत्री ने यह भी कहा कि गौवंश भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है, इसलिए उसका संरक्षण केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ सीधे गौशाला संचालकों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा रहा है। साथ ही, गौशालाओं की निगरानी और मूल्यांकन के लिए भी विशेष तंत्र विकसित किया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दी जा रही सहायता का सही उपयोग हो रहा है।
रणबीर गंगवा ने विश्वास जताया कि सरकार के इन प्रयासों से हरियाणा में गौवंश संरक्षण को नई दिशा मिलेगी और गौशालाएं मजबूत होकर समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी सरकार इस दिशा में और अधिक प्रभावी कदम उठाती रहेगी, ताकि गौवंश की सुरक्षा और संवर्धन को लेकर राज्य एक आदर्श मॉडल बन सके।

