अंबाला में 1857 के शहीद स्मारक का जल्द उद्घाटन संभव, अनिल विज ने बताया—700 करोड़ की लागत से बना ऐतिहासिक स्थल।
हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा है कि 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के वीर शहीदों को समर्पित अंबाला छावनी में निर्मित भव्य शहीद स्मारक का उद्घाटन जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने की उम्मीद है। लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह स्मारक न केवल इतिहास की अमर गाथाओं को जीवंत करेगा, बल्कि उन अनसुने वीरों को भी सम्मान देगा जिन्हें अब तक पर्याप्त पहचान नहीं मिल सकी।
मीडिया से बातचीत के दौरान अनिल विज ने बताया कि यह स्मारक 10 मई 1857 से शुरू हुए स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न पहलुओं को आधुनिक तकनीक और प्रदर्शनों के माध्यम से दर्शाएगा। इसमें मेरठ, झांसी, कश्मीरी गेट सहित कई ऐतिहासिक स्थलों पर लड़ी गई लड़ाइयों का चित्रण किया गया है। साथ ही रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे जैसे महान योद्धाओं के योगदान को भी विस्तार से प्रदर्शित किया गया है। स्मारक में एक विशेष ‘श्रद्धांजलि स्थल’ बनाया गया है, जहां देशवासी उन शहीदों को नमन कर सकेंगे जिनकी वीरता की कहानियां इतिहास के पन्नों में दबकर रह गई थीं।
अनिल विज ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात में भी 1857 के स्वतंत्रता संग्राम का उल्लेख करते हुए देश के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने कहा कि मई का महीना इस ऐतिहासिक क्रांति की याद दिलाता है और युवाओं को इससे प्रेरणा लेकर देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को अपनाना चाहिए।
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इसके साथ ही उन्होंने ‘मन की बात’ में उठाए गए अन्य विषयों पर भी प्रकाश डाला, जिसमें न्यूक्लियर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और बांस उद्योग को बढ़ावा देने जैसे मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा बांस को पेड़ की श्रेणी से अलग किए जाने के बाद इस क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है, खासकर उत्तर-पूर्व भारत में। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बांस से बने उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करें, जिससे इस उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय कारीगरों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
ऊर्जा मंत्री ने यह भी कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों को सकारात्मक सोच, नवाचार और प्रेरणादायक कहानियों से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे हर महीने इस कार्यक्रम को सुनें और इससे प्रेरणा लेकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएं।
अंबाला में बन रहा यह शहीद स्मारक आने वाले समय में न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा, जहां लोग स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को करीब से जान सकेंगे और देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे।

