हरियाणा सरकार ने नागरिक हेल्पडेस्क शुरू कर राजस्व शिकायतों के 48 घंटे में समाधान, यूनिक नंबर और रियल-टाइम ट्रैकिंग की सुविधा लागू की।
हरियाणा में राजस्व सेवाओं को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए हरियाणा सरकार ने “नागरिक हेल्पडेस्क हरियाणा” की शुरुआत की है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य तहसील स्तर पर आने वाली समस्याओं, देरी और शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। अब राज्य के नागरिक अपनी राजस्व संबंधी शिकायतों को आसानी से दर्ज कर सकते हैं और उनकी स्थिति को रियल-टाइम में ट्रैक भी कर सकते हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया पहले के मुकाबले कहीं अधिक सरल और पारदर्शी हो गई है।
नई प्रणाली के तहत नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने के लिए कई विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। वे फोन के माध्यम से या ईमेल के जरिए अपनी समस्याएं सीधे हेल्पडेस्क तक पहुंचा सकते हैं। खास बात यह है कि शिकायत दर्ज होते ही सिस्टम द्वारा एक यूनिक शिकायत नंबर जारी किया जाता है, जिससे संबंधित व्यक्ति अपनी शिकायत की प्रगति को हर समय ट्रैक कर सकता है। इस सुविधा के चलते लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उन्हें अपने आवेदन की स्थिति के बारे में पूरी जानकारी घर बैठे मिल सकेगी।
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राजस्व विभाग से जुड़ी विभिन्न समस्याएं जैसे तहसीलों में कार्य में देरी, ऑनलाइन पंजीकरण में तकनीकी खामियां, पेपरलेस रजिस्ट्रेशन की दिक्कतें या भ्रष्टाचार और उत्पीड़न जैसी शिकायतें अब इस हेल्पडेस्क के जरिए सीधे दर्ज की जा सकती हैं। हरियाणा सरकार का दावा है कि इस पहल से न केवल शिकायत निवारण प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
सरकार ने इस नई व्यवस्था के तहत एक अहम लक्ष्य भी तय किया है—सभी शिकायतों का समाधान 48 घंटे के भीतर करना। यह समयसीमा सुनिश्चित करती है कि अधिकारियों को तय अवधि में कार्रवाई करनी होगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर निगरानी रखी जाएगी। डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए सभी शिकायतों पर नजर रखी जा रही है, जिससे पूरी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल राज्य में ई-गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। इससे न केवल आम नागरिकों को राहत मिलेगी, बल्कि सरकारी कामकाज में भी तेजी आएगी। नागरिक हेल्पडेस्क के जरिए शिकायत दर्ज करने और उसका समयबद्ध समाधान पाने की सुविधा से लोगों का सरकारी तंत्र पर भरोसा भी बढ़ने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, “नागरिक हेल्पडेस्क हरियाणा” राज्य में डिजिटल प्रशासन और पारदर्शी व्यवस्था की ओर बढ़ता एक सकारात्मक कदम है, जो आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल के रूप में उभर सकता है।

