पीपुल्स एंगर महिला सम्मेलन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा, महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
महिलाओं के अधिकार, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी को लेकर आयोजित People’s Anger Women’s Conference में नारी शक्ति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की शक्ति को कम आंकना और उनके अधिकारों का विरोध करना किसी भी राजनीतिक दल के लिए भारी पड़ सकता है।
इस दौरान Narendra Modi द्वारा लाए गए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया गया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष द्वारा इस अधिनियम का विरोध करना महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ खड़े होने जैसा है, जिसका जवाब देश की महिलाएं आने वाले चुनावों में जरूर देंगी।
सम्मेलन में कहा गया कि महिलाओं का आशीर्वाद ही सबसे बड़ी ताकत है और सरकार हर बहन-बेटी को उनका हक दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिक्षा, सुरक्षा और राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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इस मौके पर Diya Kumari सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने भी अपने संबोधन में महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।
वक्ताओं ने कहा कि देश में अब महिलाओं को केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि नीति निर्धारण में भागीदार बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के प्रयास जारी हैं, जिससे लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता दिखाते हुए नारी शक्ति के महत्व को रेखांकित किया।
कुल मिलाकर, People’s Anger Women’s Conference के मंच से नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर स्पष्ट संदेश दिया गया कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा और आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीति के केंद्र में बना रहेगा।

