Adani Power के शेयर में तेजी, न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में एंट्री और बढ़ती बिजली मांग से निवेशकों का भरोसा मजबूत।
भारतीय शेयर बाजार में पावर सेक्टर इन दिनों निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है और इसमें Adani Power का नाम सबसे आगे निकलकर सामने आया है। कंपनी के शेयरों में सोमवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली और यह 205.35 रुपये के नए 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। पिछले कुछ हफ्तों में स्टॉक में आई इस तेजी के पीछे दो बड़े कारण माने जा रहे हैं—न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में कंपनी की एंट्री और देश में बढ़ती बिजली की मांग।
दरअसल, Adani Group ने अब पारंपरिक बिजली उत्पादन से आगे बढ़ते हुए परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रखा है। कंपनी की सहयोगी इकाई Adani Atomic Energy Limited ने ‘Coastal-Maha Atomic Energy’ नामक एक नई सब्सिडियरी कंपनी का गठन किया है, जिसका उद्देश्य परमाणु ऊर्जा के जरिए बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन को बढ़ावा देना है। इस रणनीतिक कदम को बाजार में ‘मास्टरस्ट्रोक’ के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि इससे कंपनी के भविष्य के ग्रोथ प्लान को नई दिशा मिल सकती है।
इस घोषणा के बाद निवेशकों का भरोसा कंपनी पर और मजबूत हुआ है, जिसका असर सीधे शेयर की कीमत पर देखने को मिला। बीते एक महीने में Adani Power का शेयर करीब 35 प्रतिशत तक चढ़ चुका है, जबकि पिछले एक हफ्ते में ही इसमें लगभग 13 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है।
दूसरी ओर, देश में बढ़ती गर्मी भी इस स्टॉक के उछाल की बड़ी वजह बन रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है, जिससे बिजली की मांग में भारी इजाफा होगा। ब्रोकरेज फर्म JM Financial की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च के अंत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण कुछ समय के लिए तापमान में गिरावट आई थी, लेकिन अब इसके कमजोर पड़ने के बाद गर्मी तेजी से बढ़ेगी।
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इतिहास पर नजर डालें तो ‘El Niño’ वाले वर्षों में बिजली की मांग में तेज वृद्धि देखी गई है। उदाहरण के तौर पर 2015 और 2019 में तापमान बढ़ने के कारण पीक पावर डिमांड में 5 से 9 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार भी कुछ इसी तरह के हालात बन सकते हैं, जिससे बिजली कंपनियों को सीधा फायदा मिलेगा।
रिपोर्ट के अनुसार, जब जलविद्युत उत्पादन कम होता है, तो कोयला आधारित बिजली संयंत्रों पर निर्भरता बढ़ जाती है। ऐसे में NTPC और Adani Power जैसी कंपनियों को सबसे ज्यादा फायदा होता है। वहीं, बढ़ती मांग के कारण बिजली की कीमतों में भी उछाल आता है, जिससे कंपनियों के मार्जिन में सुधार होता है।
कुल मिलाकर, न्यूक्लियर एनर्जी में एंट्री और बढ़ती बिजली मांग जैसे कारकों के चलते Adani Power फिलहाल बाजार में निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। आने वाले महीनों में मौसम और ऊर्जा सेक्टर के हालात इस स्टॉक की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

