कर्नाटक की नई शराब नीति के बाद United Breweries और Radico Khaitan जैसे स्टॉक्स में तेजी, टैक्स बदलाव से बिक्री बढ़ने की उम्मीद।
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को शराब बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में अचानक आई तेजी ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इस उछाल के पीछे सबसे बड़ी वजह कर्नाटक सरकार की नई शराब नीति मानी जा रही है, जिसने पूरे सेक्टर में नई उम्मीद जगा दी है। बाजार खुलते ही Tilaknagar Industries, Radico Khaitan और United Breweries जैसे प्रमुख शेयरों में करीब 3 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।
नई नीति के तहत राज्य सरकार ने दशकों पुरानी टैक्स व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए शराब पर टैक्स अब उसकी वास्तविक अल्कोहल मात्रा (Alcohol in Beverage – AIB) के आधार पर लगाने का प्रस्ताव दिया है। इसका मतलब है कि जिन पेय पदार्थों में अल्कोहल की मात्रा अधिक होगी, उन पर अधिक टैक्स लगेगा, जबकि कम अल्कोहल वाले उत्पादों पर टैक्स कम हो सकता है।
इसके साथ ही सरकार मौजूदा 16 अलग-अलग टैक्स स्लैब को कम करके एक सरल और पारदर्शी टैक्स संरचना लाने की तैयारी में है। अगर यह बदलाव लागू होता है, तो कर्नाटक देश का पहला राज्य बन जाएगा, जहां AIB आधारित एक्साइज ड्यूटी लागू होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल टैक्स सिस्टम आसान होगा, बल्कि बाजार में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
इस नीति का असर अलग-अलग सेगमेंट पर अलग तरीके से देखने को मिल सकता है। जहां सस्ती शराब महंगी हो सकती है, वहीं प्रीमियम ब्रांड्स जैसे स्कॉच और हाई-एंड स्पिरिट्स सस्ते हो सकते हैं। इसके अलावा हल्की बीयर पर टैक्स कम होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे उसकी खपत बढ़ सकती है।
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ब्रोकरेज फर्म Nuvama के अनुसार, यह नीति स्पिरिट्स और बीयर कंपनियों के लिए सकारात्मक साबित हो सकती है। कम टैक्स के कारण प्रीमियम प्रोडक्ट्स की कीमत घटेगी, जिससे उनकी बिक्री बढ़ेगी और कंपनियों के मुनाफे में सुधार होगा। इसके अलावा संभावित UK-India फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भी इस सेक्टर के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, क्योंकि इससे आयातित उत्पादों की लागत कम हो सकती है।
मार्केट हिस्सेदारी की बात करें तो Tilaknagar Industries कर्नाटक के प्रीमियम सेगमेंट में लगभग 39 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ अग्रणी है। वहीं United Spirits के लोकप्रिय ब्रांड्स भी राज्य में मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं, जबकि United Breweries देश की सबसे बड़ी बीयर कंपनियों में से एक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कर्नाटक जैसे बड़े बाजार में इस तरह का सुधार पूरे देश के शराब उद्योग के लिए एक नया ट्रेंड सेट कर सकता है। इससे न केवल कंपनियों के लिए ग्रोथ के नए अवसर खुलेंगे, बल्कि उपभोक्ताओं को भी बेहतर विकल्प मिल सकेंगे।
कुल मिलाकर, कर्नाटक की नई शराब नीति ने शेयर बाजार में शराब कंपनियों के स्टॉक्स को नई रफ्तार दे दी है और आने वाले समय में यह सेक्टर निवेशकों के लिए और भी आकर्षक बन सकता है।

