मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मोहाली में कहा कि संत कबीर के विचार आज भी समाज को एकता, समानता और भाईचारे की राह दिखाते हैं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संत शिरोमणि कबीर दास के विचारों को आज के समय में भी अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए समाज को उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया है। पंजाब के मोहाली में आयोजित एक विशेष सेमिनार को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संत कबीर की शिक्षाएं न केवल 15वीं शताब्दी में समाज को दिशा देने वाली थीं, बल्कि आज के दौर में भी वे मानवता के लिए मार्गदर्शक बनी हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संत कबीर दास ने अपने समय में जात-पात, ऊंच-नीच और धार्मिक कट्टरता के खिलाफ जिस साहस के साथ आवाज उठाई, वह आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि कबीर जी की वाणी की सबसे बड़ी ताकत उसकी सरलता और सच्चाई है, जो सीधे आम लोगों के दिलों तक पहुंचती है और उन्हें एकता, प्रेम और भाईचारे का संदेश देती है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में, जब दुनिया कई प्रकार के तनाव, संघर्ष और विभाजन से जूझ रही है, ऐसे समय में संत कबीर के विचार और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाते हैं। उनके सिद्धांत मानव समाज को शांति, सहिष्णुता और समरसता की ओर ले जाते हैं, जो आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संत कबीर को एक सच्चा मानवतावादी बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा समाज में समानता और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने न केवल सामाजिक कुरीतियों का विरोध किया, बल्कि एक ऐसे समाज की कल्पना की, जहां किसी प्रकार का भेदभाव न हो और हर व्यक्ति को समान सम्मान मिले।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हरियाणा सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘संत-महापुरुष विचार सम्मान एवं प्रचार-प्रसार योजना’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से संतों और महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि नई पीढ़ी उनके आदर्शों से प्रेरणा ले सके और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सके।
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इसके अलावा उन्होंने राज्य सरकार की विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक योजनाओं की जानकारी भी दी। ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बुजुर्गों को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करवाए जा रहे हैं। हाल ही में अंबाला से अयोध्या के लिए विशेष ट्रेन चलाई गई, जिससे श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिली। इसी तरह ‘स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा योजना’, ‘स्वर्ण जयंती सिंधु दर्शन योजना’ और ‘कैलाश मानसरोवर यात्रा योजना’ के माध्यम से भी श्रद्धालुओं को आर्थिक सहायता और सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों की शिक्षाओं को केवल सुनना या पढ़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें अपने जीवन में उतारना ही सच्ची श्रद्धा है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे संत कबीर के आदर्शों को अपनाकर एक ऐसा समाज बनाने में योगदान दें, जहां समानता, प्रेम और भाईचारा हो।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने आयोजकों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने संत कबीर दास के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया। इस कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति और समाज के प्रमुख लोग भी उपस्थित रहे, जिन्होंने संत कबीर के विचारों को आज के समय में और अधिक प्रसारित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

