चंडीगढ़ में ‘नारी शक्ति वंदन’ कार्यक्रम में सीएम सैनी बोले—33% आरक्षण से महिलाएं नीति निर्माण में निभाएंगी अहम भूमिका।
चंडीगढ़ में आयोजित “नारी शक्ति वंदन” कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” देश की महिलाओं को नीति निर्माण में नेतृत्व की भूमिका प्रदान करेगा और यह कानून महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा।
सेक्टर-38 स्थित रानी लक्ष्मी बाई भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर हरियाणा की महिला एवं बाल विकास मंत्री Shruti Choudhry भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम का आयोजन ‘स्त्री सामर्थ्य फाउंडेशन’ द्वारा किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्षों तक महिलाओं को समाज में सीमित भूमिका में रखा गया, लेकिन समय-समय पर रानी लक्ष्मीबाई, रानी दुर्गावती और चांद बीबी जैसी वीरांगनाओं ने यह साबित किया कि अवसर मिलने पर महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि आज का भारत महिलाओं को केवल समान अधिकार ही नहीं, बल्कि नेतृत्व की भूमिका देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
सीएम सैनी ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि Narendra Modi के नेतृत्व में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘सुकन्या समृद्धि योजना’, ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’, ‘जन धन योजना’ और ‘मुद्रा योजना’ जैसी पहल ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के कारण न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि समाज में उनकी भागीदारी भी बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा के लिंगानुपात में सुधार को भी एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि पहले राज्य का लिंगानुपात 871 था, जो अब बढ़कर 923 हो गया है। यह बदलाव समाज में आई जागरूकता और सरकारी प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने आगे कहा कि रक्षा सेवाओं, शिक्षा और विज्ञान जैसे क्षेत्रों में भी महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। चंद्रयान-3 मिशन में महिलाओं की भूमिका और भारतीय वायुसेना में महिला पायलटों की बढ़ती संख्या इसका प्रमाण है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करेगा, जिससे वे केवल प्रतिनिधित्व ही नहीं, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि पहले यह कानून वर्षों तक लंबित रहा, लेकिन अब इसे लागू करने की दिशा में तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं।
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हरियाणा में महिलाओं को पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण देने का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इससे गांवों में विकास की गति तेज हुई है और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने भी अपने संबोधन में इस अधिनियम को महिलाओं के लिए ऐतिहासिक बताते हुए प्रधानमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ देश के विकास में उनकी भागीदारी को और मजबूत करेगा।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए समाज और देश के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि “नया भारत” वही होगा, जहां महिलाएं हर क्षेत्र में नेतृत्व करते हुए देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी।

