ED की छापेमारी के बाद केजरीवाल ने बीजेपी पर साधा निशाना, कहा—पंजाब चुनाव से पहले एजेंसियों का हो रहा दुरुपयोग।
पंजाब की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद Ashok Mittal से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। जालंधर और फगवाड़ा समेत कई स्थानों पर हुई इस कार्रवाई ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है और आगामी चुनावों से पहले सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए Arvind Kejriwal ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है और केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्ष को दबाने की कोशिश की जा रही है। केजरीवाल ने दावा किया कि पंजाब की जनता इन “डराने-धमकाने वाली रणनीतियों” का करारा जवाब देगी।
इस मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी और इस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन राज्य सरकार इससे डरने वाली नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, ईडी की यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन से जुड़ी हुई है। जांच एजेंसी Enforcement Directorate लवली ग्रुप से जुड़े वित्तीय लेन-देन और विदेशी निवेश की जांच कर रही है। इस दौरान Lovely Professional University और उससे संबंधित अन्य व्यावसायिक संस्थानों के दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कार्रवाई का समय बेहद अहम है, क्योंकि हाल ही में अशोक मित्तल को राज्यसभा में पार्टी का उपनेता नियुक्त किया गया था। इसके तुरंत बाद हुई छापेमारी को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल खड़े किए हैं।
पंजाब के वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र सरकार विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां-जहां विपक्ष मजबूत होता है, वहां इस तरह की कार्रवाइयां तेज हो जाती हैं।
हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन केजरीवाल और अन्य AAP नेताओं के बयान ने इसे आगामी चुनावों से जोड़ते हुए बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है।
कुल मिलाकर, अशोक मित्तल पर ED रेड ने पंजाब की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले की जांच और सियासी बयानबाजी दोनों ही तेज होने की संभावना है, जिससे चुनावी माहौल और अधिक गर्म हो सकता है।

