पंचकूला में डॉ. अंबेडकर की 135वीं जयंती पर ‘समता रन’ का आयोजन, समाज में समानता और न्याय का संदेश दिया गया।
हरियाणा के Panchkula में संविधान के शिल्पकार और भारत रत्न Dr. Bhimrao Ambedkar की 135वीं जयंती के अवसर पर ‘समता रन’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह आयोजन केवल एक रन नहीं बल्कि समाज में समानता, न्याय और भाईचारे का संदेश देने का एक सशक्त माध्यम बना।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब के विचार आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने अपने जीवन के माध्यम से यह सिखाया कि शिक्षा, समान अवसर और न्यायपूर्ण व्यवस्था के बिना किसी भी समाज का विकास संभव नहीं है। ‘समता रन’ के जरिए लोगों को यही संदेश दिया गया कि हमें एक ऐसे समाज के निर्माण के लिए मिलकर काम करना होगा, जहां हर व्यक्ति को समान अधिकार और सम्मान मिले।
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इस अवसर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘सबका साथ, सबका विश्वास’ के मंत्र का भी उल्लेख किया गया, जो सामाजिक समरसता और समावेशी विकास को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि सरकार इसी सोच के साथ समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चल रही है और वंचित एवं पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में जागरूकता बढ़ती है और लोगों को एकजुट होकर सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा मिलती है। ‘समता रन’ ने यह साबित किया कि जब समाज के लोग एक लक्ष्य के लिए साथ आते हैं, तो बदलाव की राह आसान हो जाती है।
कुल मिलाकर, पंचकूला में आयोजित यह ‘समता रन’ न केवल बाबा साहेब को श्रद्धांजलि देने का एक अनूठा तरीका था, बल्कि उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और समाज में समानता एवं न्याय के मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ।

