लखनऊ में कृषि विज्ञान कांग्रेस 2026 का उद्घाटन, कृषि नवाचार और वैज्ञानिकों के योगदान को मिला सम्मान।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ‘छठा उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस-2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसमें देशभर के कृषि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों ने भाग लिया। ‘Agricultural Transformation for Developed Agriculture-Developed India @ 2047’ थीम पर आयोजित यह तीन दिवसीय सम्मेलन कृषि क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी प्रगति और सतत विकास के नए आयाम स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
उद्घाटन समारोह में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि यदि अन्नदाता समृद्ध होगा तो समाज और राष्ट्र दोनों समृद्ध होंगे। इसी सोच के साथ कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचारों के माध्यम से सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। कार्यक्रम में विभिन्न कृषि आधारित पुस्तकों का विमोचन भी किया गया, जो किसानों और शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान करेंगी।
इस अवसर पर उन कृषि वैज्ञानिकों को ‘उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने शोध और नवाचारों के माध्यम से खेती को नई दिशा दी है। इन वैज्ञानिकों के कार्यों को कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला बताया गया, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और उत्पादन क्षमता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
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सम्मेलन में विशेषज्ञों ने आधुनिक कृषि तकनीकों, जल प्रबंधन, जैविक खेती, फसल विविधीकरण और डिजिटल कृषि जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि बदलते जलवायु परिस्थितियों और बढ़ती आबादी के बीच खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा गया कि Narendra Modi के ‘विकसित भारत 2047’ विजन को साकार करने में कृषि क्षेत्र की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। उत्तर प्रदेश, जो देश का एक प्रमुख कृषि राज्य है, इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा सकता है यदि यहां के किसान और वैज्ञानिक मिलकर काम करें।
तीन दिनों तक चलने वाले इस कृषि विज्ञान कांग्रेस में विभिन्न सत्रों, कार्यशालाओं और चर्चाओं के माध्यम से नई तकनीकों और नीतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि इस सम्मेलन से निकलने वाले निष्कर्ष और सुझाव आने वाले समय में कृषि नीतियों को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के आयोजन न केवल वैज्ञानिकों और किसानों के बीच संवाद को मजबूत करते हैं, बल्कि नई तकनीकों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में भी मदद करते हैं। इससे खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है।
कुल मिलाकर, लखनऊ में आयोजित ‘छठा उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस-2026’ न केवल कृषि क्षेत्र में नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने का मंच है, बल्कि विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित हो रहा है।

