हरियाणा सरकार ने MSME को प्रोत्साहन देने के लिए जिला स्तर पर समाशोधन समितियां गठित कर मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाया।
हरियाणा सरकार ने लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योग (MSME) क्षेत्र को नई गति देने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक सुधार लागू किया है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत अब राज्य के प्रत्येक जिले में उपायुक्त की अध्यक्षता में 18 सदस्यीय जिला स्तरीय समाशोधन समिति का गठन किया जाएगा, जिससे उद्योगों से जुड़ी अनुमतियों और स्वीकृतियों की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक सरल और तेज हो सकेगी।
यह निर्णय हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन (संशोधन) नियम, 2026 के तहत लिया गया है, जिसमें नियम-7 के उपनियम (1) में बदलाव किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य निवेशकों को एकल मंच (Single Window System) के माध्यम से विभिन्न विभागों की स्वीकृतियां उपलब्ध कराना है, ताकि उद्योग स्थापित करने में लगने वाला समय और जटिलता कम हो सके।
सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से ‘Ease of Doing Business’ को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश में निवेश का माहौल और अधिक अनुकूल बनेगा। इससे न केवल नए उद्योग स्थापित होंगे, बल्कि रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
गठित समिति में संबंधित जिले के उपायुक्त को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इनमें बिजली, प्रदूषण नियंत्रण, श्रम, नगर नियोजन, औद्योगिक सुरक्षा, औषधि प्रशासन, वन विभाग, आयुष, खाद्य एवं आपूर्ति सहित कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। इसके अलावा, एचएसआईआईडीसी और एचएसवीपी के संपदा अधिकारी तथा जिला स्तर के MSME प्रतिनिधि भी इस समिति का हिस्सा होंगे।
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समिति का सदस्य सचिव जिला उद्योग केंद्र के संयुक्त निदेशक या उप-निदेशक को बनाया गया है, जो सभी प्रक्रियाओं के समन्वय और क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे।
यह समिति उद्योगों से जुड़े विभिन्न मामलों—जैसे लाइसेंस, पर्यावरण मंजूरी, श्रम संबंधित अनुमतियां और अन्य प्रशासनिक स्वीकृतियां—का त्वरित निपटान सुनिश्चित करेगी। इससे निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी व समयबद्ध होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम हरियाणा को औद्योगिक विकास के क्षेत्र में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा। राज्य पहले से ही निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है और इस तरह की नीतियां इसे और मजबूत आधार प्रदान करेंगी।
सरकार का लक्ष्य MSME क्षेत्र को सशक्त बनाकर राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देना है, क्योंकि यह क्षेत्र रोजगार सृजन, नवाचार और निर्यात वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नई समिति व्यवस्था के लागू होने से उद्योगपतियों और उद्यमियों को बेहतर सुविधा, पारदर्शिता और तेज सेवाएं मिलेंगी, जिससे हरियाणा में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

