हरियाणा में किसानों की आय बढ़ाने के लिए फल फसल, प्राकृतिक खेती और क्लस्टर आधारित मॉडल पर जोर, नई तकनीक और अनुसंधान को बढ़ावा।
हरियाणा सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कृषि एवं बागवानी विभाग की समीक्षा बैठक में फसल विविधीकरण, फल उत्पादन और क्लस्टर आधारित खेती मॉडल को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
🍓 फल उत्पादन और क्लस्टर मॉडल पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्ट्रॉबेरी, नींबू, अमरूद और ड्रैगन फ्रूट जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों के लिए विशेष क्लस्टर विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन फसलों की बढ़ती मांग को देखते हुए किसानों को उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन से जोड़ा जाएगा, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके।
🌱 बहु-फसली और आधुनिक खेती
उन्होंने अरहर, सोयाबीन, मूंगफली और दलहनी फसलों के साथ-साथ ऊतक संवर्धन तकनीक आधारित उत्पादन को बढ़ावा देने की बात कही। साथ ही हर जिले की कृषि क्षमता का वैज्ञानिक मूल्यांकन कर किसानों को बहु-फसली और उच्च मूल्य आधारित खेती से जोड़ने पर जोर दिया।
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🔬 नई किस्में और अनुसंधान
मुख्यमंत्री ने नरमा, सरसों और अन्य फसलों की नई संकर किस्में विकसित करने और जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बीज तैयार करने के निर्देश दिए। कृषि विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों को इस प्रक्रिया में शामिल कर नवाचार को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।
🌾 सेम व लवणीय भूमि सुधार
राज्य सरकार ने 2026-27 के लिए 1.40 लाख एकड़ सेम और लवणीय भूमि सुधार का लक्ष्य रखा है। इसके तहत जैव निकास प्रणाली अपनाते हुए यूकेलिप्टस (सफेदा) जैसे पेड़ों के रोपण से जलभराव की समस्या कम करने की योजना बनाई गई है।
🌿 प्राकृतिक खेती बनेगी जनआंदोलन
मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष क्लस्टर विकसित करने के निर्देश दिए। किसानों को जीवामृत और जैविक संसाधनों के साथ प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि प्राकृतिक खेती अपनाने पर उत्पादन में कमी आती है तो सरकार किसानों को आर्थिक सहायता देगी।
🧪 जैविक लैब और कीटनाशक नियंत्रण
सरकार अत्याधुनिक जैविक प्रयोगशाला स्थापित करेगी, जहां मिट्टी, पानी और फसल के नमूनों की जांच की जाएगी। साथ ही कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग पर रोक लगाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
👉 यह नई कृषि रणनीति हरियाणा के किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी खेती की ओर ले जाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

