हरियाणा सरकार ने 134-ए योजना के तहत 31.88 करोड़ रुपये जारी कर EWS-BPL छात्रों की फीस प्रतिपूर्ति सुनिश्चित की।
हरियाणा सरकार ने समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 134-ए योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और बीपीएल परिवारों के विद्यार्थियों के लिए 31.88 करोड़ रुपये की फीस प्रतिपूर्ति अनुदान राशि जारी की है।
सात जिलों के निजी स्कूलों को मिलेगा लाभ
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी इस अनुदान से राज्य के सात जिलों—अंबाला, गुरुग्राम, फतेहाबाद, कैथल, महेंद्रगढ़, पंचकूला और रोहतक—के निजी विद्यालयों को लाभ मिलेगा। इससे इन स्कूलों में पढ़ने वाले EWS और BPL वर्ग के छात्रों की फीस का भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा।
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा का बयान
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि यह कदम सरकार की समावेशी शिक्षा नीति को मजबूत करने की दिशा में एक ठोस प्रयास है। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा,
“134-ए के तहत दी जा रही यह सहायता विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने और निजी स्कूलों को समय पर वित्तीय सहयोग देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”
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छात्रों और स्कूलों दोनों को राहत
इस योजना के तहत:
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाई का अवसर मिलता है
- निजी स्कूलों को सरकार की ओर से समय पर फीस प्रतिपूर्ति मिलती है
- शिक्षा व्यवस्था में समानता और संतुलन को बढ़ावा मिलता है
पारदर्शिता और निरंतरता पर जोर
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग भविष्य में भी इसी तरह पारदर्शिता और तत्परता के साथ योजनाओं को लागू करता रहेगा। सरकार शिक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
निष्कर्ष
134-ए फीस प्रतिपूर्ति के तहत जारी यह अनुदान हरियाणा में शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल हजारों छात्रों का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था भी और अधिक मजबूत बनेगी।

