AI के बढ़ते असर के बावजूद IT इंडस्ट्री में 37 लाख करोड़ का अवसर, सेक्टर ‘रीसेट मोड’ में लेकिन ग्रोथ जारी।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव के बीच जहां एक तरफ आईटी सेक्टर में नौकरियों को लेकर चिंता बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ यह इंडस्ट्री एक बड़े बदलाव और अवसर के दौर से गुजर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, AI खतरा नहीं बल्कि आईटी इंडस्ट्री के लिए करीब 37 लाख करोड़ रुपये (300-400 अरब डॉलर) का बड़ा मौका बनकर उभर रहा है।
विरोधाभासी रहा आईटी सेक्टर का हाल
हाल के आंकड़े बताते हैं कि:
- नैसकॉम ने FY के अंत तक लगभग 30 लाख करोड़ रुपये राजस्व का अनुमान जताया
- करीब 6% की ग्रोथ दर्ज होने की उम्मीद
- वहीं निफ्टी IT इंडेक्स 20% से ज्यादा गिरा
इस गिरावट की मुख्य वजह AI के कारण नौकरियों पर खतरे की आशंका रही है।
AI बनाम कोडर: असली तस्वीर क्या है?
नई AI तकनीक जैसे Claude Code मिनटों में कोड तैयार कर सकती है, लेकिन:
- पुराने सिस्टम (Brownfield projects) में AI लागू करना मुश्किल
- कंपनियों को अभी भी बड़े पैमाने पर कोडर्स की जरूरत
- क्लाइंट्स AI को पूरी तरह अपनाने में सावधानी बरत रहे हैं
इससे साफ है कि AI अभी पूरी तरह मानव श्रम को रिप्लेस नहीं कर पाया है।
2030 तक बड़ा बाजार
विशेषज्ञों के मुताबिक:
- AI सेवाओं का बाजार 2030 तक 300-400 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है
- TCS की AI से कमाई 17% बढ़ी
- कुल राजस्व में AI का हिस्सा लगातार बढ़ रहा है
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ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) का रोल
- कंपनियां अब टेक्नोलॉजी को अपने बिजनेस का केंद्र बना रही हैं
- इन-हाउस डेवलपमेंट और AI उपयोग बढ़ रहा है
- भारत में रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं
‘रीसेट मोड’ में IT सेक्टर
2026 में IT सेक्टर दबाव में जरूर है, लेकिन खत्म नहीं हो रहा:
- इंडेक्स अपने पीक से 28% तक गिरा
- वैल्युएशन अब 15.4x पर
- निफ्टी 50 के बराबर ट्रेड — यानी “Value Zone”
ग्रोथ धीमी लेकिन स्थिर
- अनुमानित ग्रोथ: 3% से 6%
- पहले के 7–8% के मुकाबले थोड़ी धीमी
- लेकिन इंडस्ट्री स्थिर बनी हुई है
कंपनियां कैसे बदल रही हैं रणनीति?
आईटी कंपनियां अब नए मॉडल पर काम कर रही हैं:
- Fixed-price contracts अपनाना
- AI स्किल्स वाले कर्मचारियों की भर्ती
- मौजूदा वर्कफोर्स को री-स्किल करना
- AI कंपनियों के साथ साझेदारी
क्या निवेश करना सही रहेगा?
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है:
- अभी जल्दबाजी में निवेश (Bottom Fishing) से बचें
- अर्निंग्स में सुधार के संकेत का इंतजार करें
निष्कर्ष
AI के आने से आईटी इंडस्ट्री खत्म नहीं हो रही, बल्कि एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। यह बदलाव ‘डिसरप्शन’ नहीं बल्कि ‘ट्रांसफॉर्मेशन’ है। आने वाले समय में AI और IT का मेल इस सेक्टर को और मजबूत बना सकता है और भारत को वैश्विक टेक हब के रूप में और आगे ले जा सकता है।

