हरियाणा में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से लिंगानुपात 871 से बढ़कर 923 हुआ, बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित किया गया।
हरियाणा में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान अब एक प्रभावी जनआंदोलन का रूप ले चुका है, जिसने समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने यह बात चंडीगढ़ में आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान कही।
लिंगानुपात में उल्लेखनीय सुधार
मंत्री ने बताया कि राज्य में जन्म के समय लिंगानुपात में बड़ा सुधार दर्ज किया गया है। वर्ष 2014 में जहां यह आंकड़ा 871 था, वहीं 2025 में यह बढ़कर 923 तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव सरकार की नीतियों और समाज में बढ़ती जागरूकता का परिणाम है।
उत्कृष्ट जिलों को किया गया सम्मानित
समारोह में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित किया गया। इनमें पंचकूला (971), फतेहाबाद (961) और पानीपत (951) प्रमुख रहे। इन जिलों के अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
also read : पंजाब में 275 करोड़ का नया मेडिकल कॉलेज: 100 MBBS सीटें और 300 बेड अस्पताल से मजबूत होगा हेल्थ सिस्टम
सख्त कार्रवाई और नवाचार से मिली सफलता
सरकार द्वारा पीसीपीएनडीटी अधिनियम का सख्ती से पालन, अवैध लिंग चयन पर रोक, गर्भावस्था की रिवर्स ट्रैकिंग और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय जैसे कदम उठाए गए हैं। इसके तहत कई जिलों में छापेमारी कर अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई भी की गई है।
बेटियों के सशक्तिकरण पर जोर
श्रुति चौधरी ने कहा कि यह योजना केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और समानता की भावना को मजबूत करने का माध्यम है। सरकार बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मिशन शक्ति के तहत अहम पहल
उन्होंने बताया कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना ‘मिशन शक्ति’ के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य बालिका के जीवन के हर चरण में सुरक्षा और सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है।
निष्कर्ष
हरियाणा में लिंगानुपात में सुधार यह दर्शाता है कि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से सकारात्मक बदलाव संभव है। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान भविष्य में भी बेटियों के उज्जवल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।

