हरियाणा सरकार वाहन स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नई प्रोत्साहन योजनाएं लागू करेगी, जिससे निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
हरियाणा सरकार राज्य में वाहन स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग उद्योग को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें हरियाणा रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग एंड रीसाइक्लिंग फैसिलिटी इंसेंटिव पॉलिसी–2024 के तहत विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में पुराने वाहनों की वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने, राज्य में निवेश आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर जोर दिया गया।
उद्योग को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन
बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि इस नीति के तहत पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग इकाइयों को उद्योग का दर्जा दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें कई वित्तीय प्रोत्साहन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
कैपिटल सब्सिडी स्कीम के तहत नई औद्योगिक इकाइयों और विस्तार करने वाली इकाइयों को पूंजीगत निवेश पर निर्धारित प्रतिशत के अनुसार सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इससे उद्योग स्थापित करने की लागत कम होगी और राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
SGST रीइम्बर्समेंट से मिलेगा आर्थिक लाभ
बैठक में बताया गया कि नेट SGST रीइम्बर्समेंट स्कीम के तहत पात्र औद्योगिक इकाइयों को राज्य जीएसटी के रूप में जमा की गई राशि का एक हिस्सा वापस किया जाएगा। इससे उद्योगों को आर्थिक राहत मिलेगी और विशेष रूप से पिछड़े क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
also read : पंचकूला वसंत उत्सव में मतदाता जागरूकता पवेलियन, हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग की अनोखी पहल
इको पार्क और रीसाइक्लिंग पार्क का विकास
सरकार पार्क डेवलपर्स स्कीम के माध्यम से इको पार्क और रीसाइक्लिंग पार्क विकसित करने की योजना भी बना रही है। इसके तहत परियोजना लागत (भूमि को छोड़कर) का एक निर्धारित हिस्सा वित्तीय सहायता के रूप में दिया जाएगा।
इसके अलावा भूमि खरीद या लीज पर स्टाम्प ड्यूटी की रीइम्बर्समेंट का भी प्रावधान रखा गया है, जिससे आधुनिक औद्योगिक ढांचा विकसित करने में मदद मिलेगी।
कौशल विकास पर भी विशेष जोर
बैठक में इस क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया गया। इसके तहत सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने और सरकारी आईटीआई, पॉलिटेक्निक तथा अन्य प्रशिक्षण संस्थानों में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की योजना बनाई गई है।
इस पहल का उद्देश्य युवाओं को नई तकनीकों में प्रशिक्षित करना और वाहन स्क्रैपिंग एवं रीसाइक्लिंग उद्योग में रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
निवेश और रोजगार में होगी वृद्धि
सरकार का मानना है कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से हरियाणा में वाहन स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग उद्योग को नई गति मिलेगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और राज्य में निवेश तथा रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। इसके अलावा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, उद्योग विभाग के महानिदेशक यश गर्ग सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

