एकादशी के दिन बाल धोने को लेकर कई लोगों में भ्रम रहता है, जानिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन क्या करना चाहिए और किन कामों से बचना चाहिए।
हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति को आध्यात्मिक लाभ और पुण्य की प्राप्ति होती है। हालांकि कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या एकादशी के दिन बाल धोना शुभ होता है या नहीं?
एकादशी का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, उपवास और भक्ति का विशेष महत्व माना गया है।
इस वर्ष चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की पापमोचनी एकादशी 15 मार्च को मनाई जाएगी।
क्या एकादशी के दिन बाल धोना सही है?
ज्योतिष और धार्मिक परंपराओं के अनुसार एकादशी के दिन बाल धोना शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि इस दिन बाल धोने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता और आध्यात्मिक ऊर्जा भी प्रभावित हो सकती है।
विशेष रूप से महिलाओं को इस दिन बाल धोने से बचने की सलाह दी जाती है।
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इन कामों से भी बचने की सलाह
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन कुछ अन्य कार्य भी वर्जित माने जाते हैं, जैसे:
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बाल काटना
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नाखून काटना
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भारी घरेलू काम करना
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कपड़े धोना या पोंछा लगाना
ऐसा माना जाता है कि इन कार्यों से घर में नकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं।
बाल धोने का सही समय
अगर किसी कारण से बाल धोना जरूरी हो तो एकादशी से एक दिन पहले या एक दिन बाद बाल धोना बेहतर माना जाता है। इससे व्रत का पूरा फल भी मिलता है और धार्मिक मान्यताओं का पालन भी हो जाता है।
व्रत में क्या करना चाहिए
एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा, भजन-कीर्तन और व्रत रखने को शुभ माना जाता है। साथ ही सात्विक भोजन, संयम और भक्ति के साथ दिन बिताने से व्यक्ति को मानसिक शांति और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है।

