हरियाणा सरकार ने हिसार के गंगवा से आर्य नगर सड़क की विशेष मरम्मत के लिए 18.28 करोड़ रुपये मंजूर किए, साथ ही सड़कों की गुणवत्ता जांच के लिए रिसर्च लैब व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।
हरियाणा सरकार ने बाढ़ से प्रभावित सड़कों के सुधार को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हिसार जिले में गंगवा से आर्य नगर तक जाने वाली सड़क (रोड आईडी 11551) के विशेष मरम्मत कार्य को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर लगभग 18.28 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि हाल ही में आई बाढ़ के कारण यह सड़क काफी क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों को आवाजाही में गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सड़क के विशेष मरम्मत कार्य के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
मंत्री ने बताया कि अधिसूचित रोड मेंटेनेंस पॉलिसी के तहत इस सड़क के रखरखाव और मरम्मत से जुड़े नियमों में आवश्यक छूट देकर निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराया जाएगा। लोक निर्माण विभाग ने इस सड़क के सुधार के लिए करीब 18.28 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति का प्रस्ताव भेजा था, जिसे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा मंजूरी दे दी गई है।
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रणबीर गंगवा ने कहा कि सड़क के सुधरने से गंगवा, आर्य नगर और आसपास के कई गांवों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही क्षेत्र में व्यापार, परिवहन और विकास गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोग लंबे समय से इस सड़क के पुनर्निर्माण की मांग कर रहे थे।
इसके अलावा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में सड़कों की गुणवत्ता जांच और निर्माण कार्यों की निगरानी को और मजबूत बनाने के लिए रिसर्च लैब और क्वालिटी कंट्रोल सिस्टम में भी सुधार किए जा रहे हैं। इसी दिशा में नेशनल हाईवे सर्किल से जुड़े एक महत्वपूर्ण पद में बदलाव किया गया है।
उन्होंने बताया कि सर्किल जींद के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर के पद को री-डिजिग्नेट कर “सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर-कम-डायरेक्टर, रिसर्च लैब हिसार” बनाया गया है। इस पद का मुख्यालय हिसार में रहेगा और इसके अधिकार क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग हरियाणा की तीनों क्वालिटी कंट्रोल डिवीजनों की निगरानी भी शामिल होगी।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता की बेहतर निगरानी हो सकेगी और राज्य में मजबूत, सुरक्षित और टिकाऊ सड़क नेटवर्क विकसित करने में मदद मिलेगी।

