जंतर-मंतर रैली में CM भगवंत मान ने कहा 2027 में पंजाब 100 सीटें देगा, GST बकाया और घोषित ₹1600 करोड़ बाढ़ राहत जारी न होने पर केंद्र को घेरा।
Bhagwant Mann ने जंतर-मंतर पर आयोजित आम आदमी पार्टी की विशाल रैली में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्ष 2027 में पंजाब 100 सीटें देकर “तानाशाही राजनीति” का जवाब देगा। उन्होंने इसे देश में बदलाव की शुरुआत करार दिया और कहा कि “जहां पंजाब चलता है, देश उसका अनुसरण करता है।”
यह रैली Arvind Kejriwal के नेतृत्व में आयोजित की गई थी, जहां हालिया अदालत के फैसले को “सत्य की ऐतिहासिक जीत” बताया गया।
GST बकाया और बाढ़ राहत का मुद्दा
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पंजाब के ₹8,000 करोड़ के RDF और GST बकाया रोके गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में आई ऐतिहासिक बाढ़ के बाद घोषित ₹1,600 करोड़ की राहत राशि अब तक जारी नहीं की गई।
मान ने कहा कि “अन्याय का जवाब लोकतांत्रिक जनादेश से दिया जाएगा।”
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‘यह लड़ाई किसी व्यक्ति की नहीं’
भगवंत मान ने कहा कि यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि पंजाब कभी भी दमनकारी राजनीति के सामने नहीं झुका और आगे भी नहीं झुकेगा।
रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी हर संकट के बाद और मजबूत होकर उभरी है। जालंधर उपचुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद पार्टी ने जीत दर्ज की।
शिक्षा, स्वास्थ्य और मुफ्त सेवाओं का जिक्र
मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने राजनीति का एजेंडा बदला है। अब घोषणापत्र में स्कूल, अस्पताल, बिजली, रोजगार और बुनियादी ढांचे की बात होती है। उन्होंने मुफ्त बिजली, बेहतर सरकारी स्कूलों और स्वास्थ्य सेवाओं को अपनी सरकार की उपलब्धि बताया।
पंजाब का योगदान और संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने हर दौर में देश के लिए योगदान दिया है—चाहे हरित क्रांति हो या स्वतंत्रता संग्राम। उन्होंने शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव और करतार सिंह सराभा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की मिट्टी बलिदानों से सींची गई है।
उन्होंने कहा, “2027 में पंजाब आपको 100 सीटों का तोहफा देगा। यह बदलाव की शुरुआत होगी।”
रैली के बाद सोशल मीडिया पर साझा संदेश में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को दबाया नहीं जा सकता और संघर्ष जारी रहेगा।
इस बयान के साथ 2027 के चुनावी परिदृश्य को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

