Criminal Justice Season 4 Review: पंकज त्रिपाठी की एक्टिंग सभी को प्रेरित करती है। अब क्रिमिनल जस्टिस का चौथा सीजन आ गया है। देखने से पहले रिव्यू को जरूर पढ़ें।
Criminal Justice Season 4 Review: क्रिमिनल जस्टिस का एक अलग फैन बेस है। यही बात पंकज त्रिपाठी पर भी लागू होती है, जो अपने अलग फैन बेस रखते हैं। साथ ही, इन दोनों फैन बेस के लिए ये सीरीज दोगुना दिलचस्प है। यह केस भी दिलचस्प है, और पंकज त्रिपाठी की एक्टिंग देखकर काफी मजा आएगा। Applause Entertainment की सीरीज में कुल आठ एपिसोड हैं, लेकिन जियो हॉटस्टार ने अभी सिर्फ तीन रिलीज किए हैं. हर गुरुवार नए एपिसोड जारी किए जाएंगे। हमने पूरी सीरीज देखी है, इसलिए यह रिव्यू पूरी सीरीज का है।
कहानी
इस बार डॉक्टर राज नागपाल (मोहम्मद जिशान अयूब) की कहानी है। डॉक्टर ने अपनी पत्नी अंजू नागपाल (सुरवीन चावला) से तलाक ले लिया है, लेकिन दोनों एक ही अपार्टमेंट में रहते हैं। दोनों की एक बेटी है, जो स्पेशल चाइल्ड है। डॉक्टर अपनी बेटी का ख्याल रखने के लिए रोशनी सलूजा (आशा नेगी) नामक एक नर्स को नियुक्त करते हैं। डॉक्टर की बेटी की देखभाल करते हुए रौशनी उनके करीब आती है और दोनों का प्रेम होता है। फिर रोशनी का मर्डर होता है, फिर मर्डर किसने किया इस बात की छानबीन होती है। आपको इस सीरीज को देखना चाहिए, जहां माधव मिश्रा (पंकज त्रिपाठी) डॉक्टर राज का केस लड़ते हैं और कौन है कातिल।
कैसी सीरीज है?
ये एक अच्छी सीरीज है, जो आपको बांधे रखती है। तुम जानना चाहते हो कि मर्डर केस में क्या होगा। सीरीज का डिजाइन बहुत सरल है। इस सीरीज में कोई अतिरिक्त ड्रामा नहीं था, और यही इसकी विशेषता है। सीरीज की सबसे बड़ी मजबूती है इसकी अच्छी राइटिंग। आप एक-एक करके हैरान करने वाले ट्विस्ट मिलते हैं। और आप जानना चाहते हैं कि आगे क्या होगा। नए किरदार लगातार आते हैं, जो इस मर्डर मिस्ट्री को और भी दिलचस्प बनाते हैं। जब आप ये सीरीज को देखना शुरू करेंगे, आप बस उन्हें पूरा देखकर उठेंगे। उससे भी बड़ी बात यह है कि सिर्फ तीन एपिसोड सीरीज में आए हैं, इसलिए दर्शक इन्हें देखने के बाद अगले एपिसोड का बेसब्री से इंतजार करेंगे।
एक्टिंग
इस सीरीज का प्राण पंख त्रिपाठी हैं। हर बार शानदार अभिनय करते हैं, लेकिन यहाँ उन्हें देखकर मनोरंजन होता है। ये किरदार सरल तरीके से निभाते हैं, बिना किसी ड्रामा या बकवास के। उनके वन लाइनर आपको खूब हंसाते हैं, यहाँ हंसाने की कोशिश नहीं की जाती। पकंज त्रिपाठी और परिस्थिति की एक्टिंग आपको खुद ब खुद हंसाती है। आप उनके व्यवहार को मजेदार समझते हैं। जिशान अयूब ने अच्छी तरह काम किया है, वह इस किरदार में अच्छी तरह फिट लगते हैं। लेकिन उनके पास करने को बहुत कुछ नहीं था। उन्हें मर्डर का आरोप लगने के बाद उसी तरह की प्रतिक्रिया मिलती है, जो इस किरदार की आवश्यकता भी थी। सुरवीन चावला का काम अच्छा है; उनके किरदार बखूबी शेड्स बदलते हैं। आशा नेगी का काम शानदार है, और उनकी स्क्रीन प्रेजेंस बेहतरीन है। उनके फ्लैशबैक सीन, जिनमें वे बेहतरीन काम करती हैं, बीच-बीच में दिखाई देते हैं, हालांकि उनके किरदार मर्डर होते हैं। इरा का किरदार खुशी भारद्वाज ने बेहतरीन ढंग से निभाया है और खुशबू अत्रे का काम अच्छा है। मीता वशिष्ठ ने, जैसा कि हमेशा की तरह, अच्छी तरह काम किया है। श्वेता बासु प्रसाद ने वकील की भूमिका में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वह पंकज त्रिपाठी और मीता वशिष्ठ जैसे कलाकारों के सामने कोर्ट में जबरदस्त बहस करती हैं। सब इस्पेक्टर गौरी करमरकर का किरदार कल्याणी मूले ने अच्छे से निभाया है।
राइटिंग और डायरेक्शन
कहानी हरमन वडाला, संदीप जैन और समीर मिश्रा ने लिखी है, निर्देशन रोहन सिप्पी ने किया है। ये शो दिखाता है कि साधारण लेखन अच्छा काम कर सकता है। हर बार बहुत ड्रामाटिक होना जरूरी नहीं है। डायरेक्शन भी उत्तम है, सीरीज का कोई भी सीन अतिरिक्त नहीं लगता; इसके बजाय, यह आपको स्थिर रखता है।
कुल मिलाकर, ये शो आपको देखना चाहिए।
रेटिंग: 3.5 स्टार
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