Hindu Nav Varsh 2025: हिंदू नववर्ष चैत्र महीने में शुरू होता है। विक्रम संवत भी इसका नाम है। चैत्र नवरात्रि भी इस दिन से शुरू होती है। 2025 में हिंदू नववर्ष कब शुरू होगा और इसका अधिपति कौन होगा?
Hindu Nav Varsh 2025: नया साल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को शुरू होगा। ये तिथि जिस दिन से शुरू होती है उस दिन अधिपति नव वर्ष, या नव संवत्सर का राजा घोषित करता है। भारतीय सम्राट विक्रमादित्य ने इसे शुरू किया था। इसलिए इसे भी विक्रम संवत कहते हैं।
57 ईसा पूर्व में विक्रम संवत की शुरुआत विक्रमादित्य ने की थी। इस दिन से चैत्र नवरात्रि भी मनाई जाती है। हिंदू नववर्ष के राजा और मंत्री कौन होंगे, ज्योतिष के अनुसार, यह जानना महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे देश-दुनिया पर क्या प्रभाव पड़ेगा। हम देखते हैं कि 2025 में हिंदू नववर्ष के राजा-मंत्री कौन होंगे।
हिंदू नववर्ष 2025 का राजा कौन सा ग्रह होगा?
हिंदू नववर्ष 30 मार्च 2025 से शुरू होगा। यह भी विक्रम संवत 2082 और चैत्र नवरात्रि की शुरुआत है। 2025 के राजा सूर्य होंगे क्योंकि हिंदू नववर्ष रविवार से शुरू होगा। सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है।
भारत में इस दिन को गुड़ी पड़वा, चेती चंड, युगादि, नव संवत्सर आदि नामों से जाना जाता है।
नववर्ष की ज्योतिषीय मान्यता
नववर्ष का अलग नाम और परिणाम होता है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक संवत के लिए ग्रहों का एक मंत्रिमंडल भी होता है। इस मंत्रिमंडल के ग्रह पूरे संवत को शुभ या अशुभ बताते हैं। इन्हीं ग्रहों के मंत्रिमंडल पर मौसम, अर्थव्यवस्था, जनता, सुरक्षा, कृषि और बरसात निर्भर करती हैं।
सूर्य के राजा होने से क्या होगा ?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हिंदू नववर्ष के राजा सूर्य होते हैं, तो उस वर्ष गर्मी अधिक होगी। दूध का भाव बढ़ता है। बाजा तेजी से चलेगा। राजनीतिक क्षेत्र में विरोधाभास देखने को मिलेगा।
चैत्र की प्रतिपदा तिथि का महत्व क्यों है?
- यह चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की तिथि थी जब ब्रह्मा ने सृष्टि की शुरुआत की।
- माना जाता है कि भगवान् राम का राज्याभिषेक इसी तिथि के दिन हुआ था।
- इसी तिथि से देवी शक्ति पूजन शुरू हुआ था।
- इसी तिथि पर राजा युधिष्ठिर का राज्याभिषेक भी हुआ था।
- इसी दिन महाराजा विक्रमादित्य ने भी अपना राज्य बनाया था। विक्रम सम्वत का नाम राजा विक्रमादित्य के नाम पर रखा गया है।
- इसी तिथि पर संत गौतम ऋषि का जन्म हुआ था।
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