Mahashivratri 2025: हिंदू धर्म में शिवलिंग की पूजा विशेष रूप से पवित्र मानी जाती है, अभिषेक के बाद जलहरी से निकलने वाला जल बहुत पवित्र माना जाता है।
Mahashivratri 2025: शिवलिंग पर चढ़ा हुआ जल अद्भुत ऊर्जा से भरपूर है। वास्तुदोष वाले घरों में सुख-शांति लाने के लिए शिवलिंग को अभिषेक करने के बाद जलहरी को घर लाकर उससे ‘ॐ नमः शिवाय करालं महाकाल कालं कृपालं ॐ नमः शिवाय’ मंत्र जपते हुए पूरे घर में छिड़काव करना चाहिए।
हिंदू धर्म में शिवलिंग की पूजा विशेष रूप से पवित्र मानी जाती है। भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्री से अभिषेक करते हैं। अभिषेक के बाद जलहरी से निकलने वाला जल बहुत पवित्र माना जाता है। शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस जल को घर में छिड़कने से न केवल आध्यात्मिक लाभ मिलते हैं, बल्कि जीवन में सुख-शांति भी मिलती है।
नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके वातावरण को शुद्ध करें
शास्त्रों में कहा गया है कि शिवलिंग पर चढ़ा जल दिव्य ऊर्जा से भरता है। जिन घरों में वास्तुदोष है, वहां शिवलिंग को अभिषेक करने के बाद जलहरी के जल को घर लाकर उससे ‘ॐ नमः शिवाय करालं महाकाल कालं कृपालं ॐ नमः शिवाय’ मंत्र जपते हुए पूरे घर में छिड़काव करना चाहिए। ऐसा करने से वहां उपस्थित सभी बुरी शक्तियां दूर हो जाती हैं और घर का वातावरण सकारात्मक और शुद्ध बनता है, जिससे घर में शांति बनी रहती है।
स्वास्थ्य लाभ और बीमारी से छुटकारा
शिवलिंग पर अभिषेक करने वाले जल को विशेष रूप से रोगहर माना जाता है। गरुड़ पुराण कहता है कि इस जल में शिव की कृपा होती है, जो शारीरिक और मानसिक रोगों को दूर करती है। जब इस जल को घर में छिड़का जाता है, तो वहां रहने वाले लोगों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है और कोई महामारी या बीमारी नहीं आती।
वास्तु और ग्रह दोष दूर करना
वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर में वास्तु दोष अक्सर क्लेश और अशांति को जन्म देते हैं। ऐसे में शिवलिंग पर चढ़े जल को घर में छिड़कने से वास्तु दोष कम होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा को सही स्थानों पर प्रवाहित किया जाता है। साथ ही, यह जल राहु, केतु और शनि के अशुभ प्रभाव को कम करता है, जिससे परिवार पर ग्रह दोष नहीं पड़ते।
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