SBI Mutual Fund: बुच ने 250 रुपये के निवेश वाले SPI की शुरुआत को अपने “सबसे प्यारे सपनों” में से एक बताया और कहा कि यह प्रस्ताव एक योजना से कहीं अधिक है।
SBI Mutual Fund: अब आप म्यूचुअल फंड में एसआईपी शुरू करने के लिए केवल 250 रुपये प्रति महीने योगदान दे सकते हैं। SBI म्यूचुअल फंड, एक एसेट मैनेजमेंट कंपनी, ने 250 रुपये मासिक निवेश वाली आईपी शुरू की है। इसका लक्ष्य हर वर्ग तक निवेश उत्पाद पहुंचाना है। निवेशक जननिवेश एसआईपी योजना में कम से कम 250 रुपये प्रति महीने का निवेश कर सकते हैं।
इस उत्पाद का उद्घाटन शेयर बाजार नियंत्रक सेबी चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने किया। SIP में आम तौर पर 500 रुपये निवेशक लगाते हैं। जिस योजना में पैसा लगाया जा रहा है, इससे 100 रुपये तक कम हो सकता है। म्यूचुअल फंड की पहुंच को बढ़ाने के लिए 250 रुपये का निवेश वाला SIP लाया गया है।
एसबीआई योनो ऐप, पेटीएम, जेरोधा और ग्रो में यह निवेश उत्पाद उपलब्ध होंगे। यह गांवों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों के छोटे बचतकर्ताओं और पहली बार निवेशकों को वित्तीय समावेश के दायरे में लाने के लिए बनाया गया है।
बुच ने 250 रुपये के निवेश वाले SIP की शुरुआत को अपने “सबसे प्यारे सपनों” में से एक बताया और कहा कि यह प्रस्ताव एक योजना से कहीं अधिक है। उनका कहना था, ‘‘मुझे लगता है कि हम वास्तव में इसी के बारे में बात कर रहे हैं, कि जैसे-जैसे भारत आगे बढ़ रहा है और धन सृजित हो रहा है, यह हर किसी के हाथों में वितरित होता है, भले ही यह बहुत ही छोटे तरीके से हो। यही कारण है कि मेरे विचार में जननिवेश का वास्तविक अर्थ है।‘’
बुच ने कहा कि वर्तमान में उपलब्ध इन उत्पादों में “ब्रेक-ईवन” (लाभ में आने की अवधि) लंबी है और व्यावहारिक नहीं हैं, इसलिए इन पर ज्यादा जोर नहीं दिया जा रहा है। लाभ मिलने की अवधि को लगभग दो से तीन वर्ष तक कम करने की कोशिश की गई है।
एसबीआई म्यूचुअल फंड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी नंद किशोर ने कहा, ‘‘प्रवेश बाधाओं को कम करके और डिजिटल मंच का लाभ उठाकर, हमारा लक्ष्य पहली बार निवेश करने वाले निवेशकों, छोटे बचतकर्ताओं और असंगठित क्षेत्र के लोगों को आकर्षित करना है ताकि वे सिर्फ 250 रुपये से एसआईपी शुरू कर सके।’
“जब हम वित्तीय समावेश के नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं, तो नवाचार और समावेशिता बहुत जरूरी है,” एसबीआई के चेयरमैन सी एस शेट्टी ने कहा। ऐसे उत्पादों, तरीकों और प्रौद्योगिकियों को बनाने पर हमारा ध्यान है जो समावेश को आसान और प्रभावी बनाते हैं।‘’
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