Mahashivratri 2025: हिंदू धर्म में भगवान शिव को महाशिवरात्रि का त्योहार समर्पित है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएँ पूरी होंगी।
Mahashivratri 2025: महशिवरात्रि की पूजा से पहले ये काम अवश्य करें, इससे भोलेनाथ की कृपा बनी रहेगी।हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो भगवान शिव को समर्पित है। इस दिन भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा की जाती है और बहुत उत्साह से मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भक्तिपूर्ण पूजा करने से भक्तों की हर इच्छा पूरी होती है। यह पर्व भगवान शिव की आराधना करने और उनकी कृपा पाने का अवसर है। महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा करने से सभी पाप मिट जाते हैं और मोक्ष मिलता है। इस दिन पूजा करने से मन शांत होता है और आत्मविकास में मदद मिलती है। इस उत्सव को मनाने से सुख और समृद्धि मिलती है।
2025 में महाशिवरात्रि की पूजा का शुभ मुहूर्त
निशिता काल में महाशिवरात्रि की पूजा बहुत महत्वपूर्ण है। निशिता पूजा इस वर्ष देर रात 12:09 बजे से 12:59 बजे तक होगी। तंत्र, मंत्र और सिद्धि में यह समय बहुत शुभ माना जाता है।
रात्रि के चार प्रहर में पूजा का समय
- महाशिवरात्रि को चार बार पूजा की जाती है।
- रात की पहली प्रहर पूजा शाम 06:19 बजे से रात 09:26 बजे तक चलती है।
- फरवरी 27 को रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा का समय रात 9:26 बजे से देर रात 12:34 बजे तक है।
- रात की तृतीय प्रहर पूजा का समय: फरवरी 27 को देर रात 12:34 बजे से 03:41 बजे तक
- चतुर्थ प्रहर पूजा समय: फरवरी 27 को मध्य रात्रि 03:41 बजे से सुबह 06:48 बजे तक
ये बातें याद रखें
महाशिवरात्रि से पहले अपने पूजास्थल को साफ करना चाहिए। यदि आपका पूजा स्थल या मंदिर साफ नहीं है, तो वह सफल नहीं होगी। इसलिए पूजा घर को एक पवित्र स्थान माना जाता है, इसकी सफाई बहुत महत्वपूर्ण है। माना जाता है कि गंदा मंदिर घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह करता है और वहाँ ईश्वर नहीं रहता। महाशिवरात्रि से पहले सफाई करते समय कुछ नियमों का पालन करना अनिवार्य है। उन नियमों को जानें
मूर्तियों को साफ करते समय सावधान रहें
मंदिर की सफाई करने से पहले मूर्तियों और चित्रों को हटा दें। मूर्तियों को स्थापित करने से पहले भी अच्छे से साफ करें। माना जाता है कि स्वच्छ पूजा स्थल घर में सकारात्मक ऊर्जा लाता है और जीवन में सुधार लाता है।
साथ ही पूजा के बर्तनों को साफ करें
पूजा के दौरान उपयोग किए जाने वाले बर्तनों को हमेशा साफ रखना चाहिए। दीप जलाने से पहले दीये को साफ करें क्योंकि ये अक्सर गंदा होते हैं। तांबे के बर्तन भी पूजा में शुभ मानते हैं।
भगवान के वस्त्रों की भी करें सफाई
मंदिरों में रखी मूर्तियों पर चढ़ाए गए कपड़ों को सफाई करना आम है। मूर्तियों और चित्रों को सफाई करने के बाद, उन्हें मंदिर में स्थापित करने से पहले धुले या नए कपड़े पहनाए जाएं। इन कार्यों के बिना पूजा पूरी नहीं मानी जाती और पूरा लाभ नहीं मिलता। इसके अलावा, इससे जीवन में कठिनाई भी हो सकती है।
रात को सफाई नहीं करें
सूर्योदय के बाद घर या मंदिर की सफाई नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से घर में लक्ष्मी नहीं आती, जो आर्थिक समस्याओं का कारण बन सकता है। रात में मंदिर सफाई करना भी बुरा हो सकता है, क्योंकि इससे देवता नाराज हो सकते हैं।
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