भारतीय राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार-एनएफडीसी ने “महात्मा की यात्रा: “उनके अपने दस्तावेजों से” नामक एक विशिष्ट प्रदर्शनी का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
शहीद दिवस पर, प्रसार भारती अभिलेखागार, राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय और भारतीय राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार-एनएफडीसी ने “महात्मा की यात्रा: “उनके अपने दस्तावेजों से” नामक एक विशिष्ट प्रदर्शनी का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय की अध्यक्ष एवं महात्मा गांधी की पौत्री श्रीमती तारा गांधी भट्टाचार्य ने इस प्रदर्शनी का उद्घाटन अचानक हुई स्वास्थ्य समस्या के कारण नहीं किया।
राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय के निदेशक डॉ. ए. अन्नामलाई ने स्वागत भाषण दिया, फिर श्री अरुण सिंघल ने अध्यक्षीय भाषण दिया। मुख्य अतिथि के रूप में, डॉ. सुधा गोपालकृष्णन, कार्यकारी निदेशक, इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली, और डॉ. माइकल ए. पाल, निदेशक, ऑस्ट्रियाई सांस्कृतिक मंच, नई दिल्ली, ने इस कार्यक्रम में भाग लिया और राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार (एनएफडीसी) और प्रसार भारती अभिलेखागार के सहयोग से भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार और राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय के प्र भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार के उप निदेशक (प्रभारी) श्री नौरोइबाम राजू सिंह ने कार्यक्रम का समापन करते हुए धन्यवाद ज्ञापन दिया।
विशेष प्रदर्शनी: – महात्मा की यात्रा उनके दस्तावेजों, ऑडियो और वीडियो के माध्यम से नामक एक फ्लिपबुक भी इस मौके पर विमोचन किया गया।
महात्मा गांधी के जीवन और विरासत को प्रदर्शनी में दुर्लभ चित्रों, दस्तावेजों और रिकॉर्डिंग से दिखाया गया। इसमें उनकी शिक्षा, दक्षिण अफ्रीका में बिताए समय और प्रमुख भारतीय स्वतंत्रता आंदोलनों पर 30 पैनल दिखाए गए। इसमें सामाजिक न्याय, सांप्रदायिक सद्भाव और विभाजित क्षेत्रों में शांति के लिए उनके प्रयासों पर भी चर्चा हुई।
यह प्रदर्शनी 28 फरवरी 2025 तक खुली रहेगी और नागरिकों, विद्यार्थियों, इतिहासकारों और गांधीजी के अनुयायियों को अहिंसा, न्याय और शांति के दर्शन के बारे में बहुमूल्य जानकारी देगी।
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