यमुना सफाई मिशन के तहत योगेश कुमार ने GMDA को ड्रेनों-सिवरेज की सफाई के लिए SOP बनाने और परियोजनाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।
यमुना नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव योगेश कुमार ने गुरुग्राम में समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी परियोजनाएं तय समयसीमा में पूरी हों और जमीन पर प्रभावी परिणाम दिखाई दें।
GMDA को SOP तैयार करने के निर्देश
बैठक में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) को स्टॉर्म वॉटर ड्रेनों और सीवरेज लाइनों की सफाई के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य अवैध कनेक्शनों की पहचान कर उन्हें हटाना और ड्रेनों में गंदे पानी के प्रवाह को रोकना है।
STP सैंपलिंग और पानी के पुन: उपयोग पर जोर
योगेश कुमार ने निर्देश दिए कि:
- सभी एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की संयुक्त सैंपलिंग दोबारा की जाए
- 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए
- बिना उपचारित पानी के डायवर्जन को रोका जाए
- उपचारित पानी का उपयोग सिंचाई कार्यों में किया जाए
प्रदूषण बिंदुओं की मैपिंग होगी
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लेग-II क्षेत्र में सभी प्रदूषण स्रोतों की पहचान और मैपिंग 3 महीनों के भीतर पूरी की जाए, ताकि प्रदूषण नियंत्रण की रणनीति और प्रभावी बनाई जा सके।
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कचरा प्रबंधन और निगरानी मजबूत
ड्रेनों से निकलने वाले ठोस कचरे का:
- वैज्ञानिक तरीके से निपटान
- पूरा रिकॉर्ड तैयार करना
- भविष्य की योजना के लिए डेटा का उपयोग
अवैध टैंकरों पर सख्ती
नगर निगम गुरुग्राम को निर्देश दिए गए कि:
- नए पंजीकृत टैंकरों की रिपोर्ट जल्द दें
- अवैध टैंकर संचालन पर कार्रवाई के लिए विशेष टीम गठित करें
फेंसिंग और निरीक्षण पर जोर
ड्रेनों के किनारे फेंसिंग कार्य की स्थिति रिपोर्ट मांगी गई ताकि कचरा फेंकने और अवैध प्रवेश पर रोक लगाई जा सके। साथ ही, सभी एसटीपी का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
सकारात्मक प्रगति के संकेत
अधिकारियों ने बताया कि:
- ड्रेनों की टेपिंग
- STP और CETP की स्थापना
- कचरा प्रबंधन में सुधार
- निगरानी तंत्र मजबूत होने से
यमुना के जल की गुणवत्ता में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।
निष्कर्ष
हरियाणा सरकार की यह पहल यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। GMDA द्वारा SOP तैयार होने और सख्त निगरानी के साथ, आने वाले समय में गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में जल प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है।

