सीएम योगी आदित्यनाथ ने GeM पोर्टल से पारदर्शी खरीद अनिवार्य की, 9700 करोड़ की बचत और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश।
उत्तर प्रदेश में सरकारी खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अब राज्य के सभी विभागों को अनिवार्य रूप से GeM पोर्टल के माध्यम से ही खरीदारी करनी होगी। इस दौरान उन्होंने कुछ विभागों द्वारा प्रक्रिया में बरती जा रही लापरवाही पर नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि अब किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी खरीद प्रणाली में पारदर्शिता, शुचिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने GeM पोर्टल को राज्य के कोषागार से जोड़ने के निर्देश दिए, जिससे भुगतान प्रक्रिया अधिक सुचारू और निगरानी योग्य बन सके। साथ ही प्रत्येक विभाग में स्थायी क्रय समिति गठित करने का भी आदेश दिया गया, ताकि खरीद प्रक्रिया व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके।
समीक्षा के दौरान सामने आए आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश ने GeM पोर्टल के माध्यम से 22,337 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड खरीद की है। इस दौरान ‘रिवर्स ऑक्शन’ प्रणाली के उपयोग से सरकार को करीब 9,700 करोड़ रुपये की बड़ी बचत भी हुई है। मुख्यमंत्री ने इसे डिजिटल गवर्नेंस की सफलता बताते हुए कहा कि इससे न केवल लागत में कमी आई है, बल्कि खरीद प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा और पारदर्शिता भी बढ़ी है।
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मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि GeM प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग से महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग और स्टार्टअप्स को भी बड़ा लाभ मिला है। आंकड़ों के अनुसार, महिला उद्यमियों के कारोबार में 44 प्रतिशत, एससी-एसटी उद्यमियों में 48 प्रतिशत और स्टार्टअप्स में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह नीति समावेशी विकास को भी बढ़ावा दे रही है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि GeM पोर्टल के उपयोग में आने वाली तकनीकी समस्याओं को तुरंत दूर किया जाए और सभी विभागों में इसके उपयोग को पूरी तरह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी धन का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंत में सख्त संदेश देते हुए कहा कि जो भी अधिकारी इस प्रणाली में बाधा उत्पन्न करेगा या नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत काम कर रही है और पारदर्शी शासन व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
कुल मिलाकर, GeM पोर्टल के जरिए सरकारी खरीद को अनिवार्य बनाने का यह निर्णय उत्तर प्रदेश में सुशासन और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

