TCS के Q4 नतीजों के बाद शेयर 3% गिरे, ब्रोकरेज फर्म्स की सतर्क टिप्पणी से निवेशकों में चिंता।
देश की प्रमुख आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) के चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों के बाद शेयर बाजार में हलचल देखने को मिली। कंपनी के प्रदर्शन के उम्मीदों के अनुरूप रहने के बावजूद, निवेशकों की प्रतिक्रिया नकारात्मक रही और शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में TCS के शेयर करीब ₹2565 पर खुले, लेकिन जल्द ही दबाव में आकर ₹2505 के स्तर तक गिर गए। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब पिछले कुछ समय में शेयरों ने ₹2348 के निचले स्तर से उछलकर ₹2605 तक की मजबूत रिकवरी दिखाई थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट की मुख्य वजह कंपनी के नतीजे नहीं, बल्कि ब्रोकरेज फर्म्स की सतर्क टिप्पणी रही है। दरअसल, Q4 रिजल्ट के बाद कई प्रमुख ब्रोकरेज हाउस ने कंपनी पर अपना सकारात्मक रुख बरकरार रखा, लेकिन साथ ही निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी, जो बाजार को ज्यादा पसंद नहीं आई।
CLSA, JPMorgan, Nomura और Goldman Sachs जैसी ब्रोकरेज फर्म्स ने कंपनी के मजबूत डील पाइपलाइन, स्थिर मांग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में हो रहे विकास को सकारात्मक बताया है। इन संस्थानों का मानना है कि TCS का दीर्घकालिक ग्रोथ आउटलुक मजबूत बना हुआ है।
वहीं, HSBC ने TCS पर ‘होल्ड’ रेटिंग बनाए रखी है, जबकि Jefferies ने BFSI सेक्टर में कमजोरी और डील्स की गति में संभावित सुस्ती को देखते हुए ‘अंडरपरफॉर्म’ रेटिंग के साथ सतर्क रहने की सलाह दी है।
मार्केट एक्सपर्ट जिगर एस पटेल (आनंद राठी इन्वेस्टमेंट सर्विसेज) के अनुसार, TCS के लिए ₹2450 का स्तर अहम सपोर्ट है, जबकि ₹2605 एक मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि गिरावट जारी रहती है, तो शेयर ₹2480 के स्तर तक फिसल सकता है।
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हालांकि, कंपनी के फंडामेंटल्स अभी भी मजबूत माने जा रहे हैं। मार्च तिमाही में TCS ने राजस्व में वृद्धि, स्थिर मार्जिन और मजबूत ऑर्डर बुक दर्ज की है, जो इसके बिजनेस मॉडल की मजबूती को दर्शाता है।
पिछले एक साल में TCS के शेयरों में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो कि व्यापक बाजार सूचकांक Nifty 50 की तुलना में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन माना जा सकता है।
आईटी सेक्टर में इन दिनों आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर तेजी से हो रहे बदलावों के कारण अनिश्चितता बनी हुई है। निवेशक इस बात को लेकर सतर्क हैं कि नई तकनीकों का कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
कुल मिलाकर, TCS के ताजा नतीजे स्थिरता और मजबूती का संकेत देते हैं, लेकिन ब्रोकरेज फर्म्स की सतर्क टिप्पणियों और सेक्टर से जुड़ी अनिश्चितताओं के चलते शेयरों पर दबाव बना हुआ है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर कंपनी की डील पाइपलाइन और ग्लोबल आईटी डिमांड पर बनी रहेगी।

