SBI QIP 2025: SBI25,000 करोड़ के QIP से अपनी फंडिंग बढ़ाने की तैयारी में है। जानिए इस बड़े इक्विटी फंडरेजिंग प्लान के पीछे की वजह और किन बैंकों को डील में शामिल किया गया है।
SBI QIP 2025: भारत का सबसे बड़ा सरकारी बैंक State Bank of India (SBI) अगले सप्ताह Qualified Institutional Placement (QIP) के जरिए ₹25,000 करोड़ जुटाने की योजना बना रहा है। यह अब तक का सबसे बड़ा QIP-आधारित इक्विटी फंडरेजिंग सौदा हो सकता है, जो देश में कोल इंडिया लिमिटेड की 2015 की बिक्री (₹22,560 करोड़) को पीछे छोड़ देगा।
QIP के जरिए SBI जुटाएगा बड़ी राशि
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर QIP को पूरी तरह से सब्सक्रिप्शन मिलता है, तो SBI इतिहास रच सकता है। बैंक ने मई 2025 में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। यह डील फिलहाल अंतिम चरण में है, और इसमें कुछ बदलाव संभव हैं। इससे पहले SBI ने 2017 में QIP के जरिए ₹15,000 करोड़ जुटाए थे, जब बैंक ने 522 मिलियन शेयर बेचे थे।
QIP क्यों जरूरी है? जानिए SBI की रणनीति
SBI का लक्ष्य है:
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लोन देने की क्षमता बढ़ाना
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बैलेंस शीट मजबूत करना
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रेगुलेटरी आवश्यकताओं को पूरा करना
इस डील से बैंक को अपना कैपिटल बेस बढ़ाने और वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
SBI ने चुने छह मर्चेंट बैंक
इस डील को अंजाम देने के लिए SBI ने 6 से अधिक मर्चेंट बैंकों को शामिल किया है, जिनमें शामिल हैं:
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Kotak Mahindra Capital
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ICICI Securities
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HSBC Securities & Capital Markets
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Citigroup Global Markets
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Morgan Stanley
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SBI Capital Markets
YES Bank में हिस्सेदारी बेची
इसी साल, SBI ने अपनी YES Bank में 13.19% हिस्सेदारी जापान की Sumitomo Mitsui Banking Corporation (SMBC) को बेच दी। यह डील ₹8,889 करोड़ में हुई। सौदे के बाद, SBI की हिस्सेदारी YES Bank में घटकर 10.78% रह गई है।
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