Samay Raina ने विवाद के बाद के मुश्किल दौर पर खुलकर बात की, अनपोस्टेड माफी वीडियो और Vir Das–Tanmay Bhat के सपोर्ट का किया जिक्र।
स्टैंडअप कॉमेडियन Samay Raina ने हाल ही में ‘India’s Got Latent’ विवाद को लेकर पहली बार खुलकर बात की है और अपने जीवन के सबसे कठिन दौर का जिक्र करते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि उस समय वे मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुके थे और उन्होंने कई माफी वीडियो रिकॉर्ड किए, लेकिन उनमें से कोई भी सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं कर पाए।
समय रैना ने उस दौर को याद करते हुए कहा कि वह अपने जीवन का सबसे अंधेरा समय था। उन्होंने भावुक होकर कहा, “तू इंसान नहीं देख रहा है, लाश देख रहा है,” जिससे यह साफ झलकता है कि वह किस तरह मानसिक और भावनात्मक संघर्ष से गुजर रहे थे। उनके करीबी दोस्त बलराज सिंह घई ने भी उस समय उन्हें “जिंदा लाश” जैसा बताया था, जो उनकी हालत को दर्शाता है।
समय ने बताया कि उन्होंने कई बार माफी मांगने के लिए वीडियो बनाए, लेकिन हर बार उन्हें अधूरा छोड़ दिया। आज वह उन्हीं वीडियो क्लिप्स को देखकर हंसते हैं, लेकिन उस वक्त यह उनके लिए बेहद दर्दनाक अनुभव था। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उस कठिन समय में वह बिना किसी घोषणा के छोटे-छोटे स्टैंडअप शो करते थे, ताकि खुद को संभाल सकें।
उन्होंने कहा कि कॉमेडी ही उनके लिए एकमात्र रास्ता बन गई, जिससे वह अपनी स्थिति से बाहर निकल सके। उन्होंने अपने फैंस के साथ जुड़ाव बनाए रखने के लिए कई बार अपने चैनल पर सिर्फ हार्ट इमोजी पोस्ट किए। समय के अनुसार, “कमजोर समय में इंसान को बस थोड़ी उम्मीद चाहिए होती है,” और वह उन इमोजी के जरिए लोगों से प्यार और सपोर्ट पाने की कोशिश करते थे।
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इस दौरान उन्हें कई बड़े कलाकारों का भी साथ मिला। मशहूर कॉमेडियन Vir Das ने उन्हें सलाह दी कि वे अपनी भावनाओं को लिखें, जिससे उन्हें काफी राहत मिली और इसी प्रक्रिया से उनके ‘Still Alive’ शो के लिए कंटेंट भी तैयार हुआ। वहीं Tanmay Bhat ने भी उनके साथ घंटों बिताकर उन्हें मानसिक रूप से संभालने में मदद की।
समय रैना ने इसके अलावा Rakhi Sawant, अपने दोस्त बलराज, पत्नी चांदनी और अपने माता-पिता का भी आभार जताया, जिन्होंने इस मुश्किल समय में उनका साथ दिया।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस विवाद ने उन्हें एक बेहतर इंसान बनाया है। अब वह मानते हैं कि जब कोई व्यक्ति गलत व्यवहार करता है, तो उसके पीछे भी कोई गहरी समस्या या दर्द छिपा हो सकता है।
कुल मिलाकर, समय रैना की यह स्वीकारोक्ति न केवल उनके संघर्ष को सामने लाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि मुश्किल समय में सही लोगों का साथ और खुद पर विश्वास इंसान को फिर से खड़ा होने की ताकत देता है।

