Risks of Dark Chocolate: डार्क चॉकलेट खाने के कई लाभ हैं। यह हाई बीपी, दिमाग और दिल को नियंत्रित करने में अच्छा है। वहीं इसे खाने से सेहत पर बुरा असर भी पड़ता है।
Risks of Dark Chocolate: डार्क चॉकलेट पॉलीफेनॉल और एंटीऑक्सीडेंट का एक अच्छा स्रोत है। विभिन्न अध्ययनों ने बताया कि डार्क चॉकलेट खाने से कई लाभ मिलते हैं। यह दिल की सेहत को बेहतर बनाता है और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखता है। दिल में ब्लड सर्कुलेशन भी बहुत अच्छा है। सिर्फ इतना ही नहीं, यह दिमाग के कार्यों के लिए भी अच्छा है। यह भी कहा जाता है कि यह स्ट्रोक का खतरा भी कम करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स से शरीर को बचाने में मदद कर सकते हैं।
डार्क चॉकलेट पॉलीफेनॉल और एंटीऑक्सीडेंट का एक अच्छा स्रोत है। चीनी भी खा सकते हैं। जो फिटनेस प्रेमियों के बीच बहुत लोकप्रिय हो रहा है। हाल ही में किए गए अध्ययन ने पाया कि डार्क चॉकलेट खाने से आपकी सेहत बहुत अधिक खराब होती है। आइए इस विषय पर विस्तार से चर्चा करें।
न्यूयॉर्क पोस्ट ने बताया कि वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी की एक अध्ययन में पाया गया है कि चॉकलेट से बने कई उत्पादों में टॉक्सिक हैवी मेटल्स लेड और कैडमियम की मात्रा आवश्यकता से अधिक थी, जो सेहत को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस अध्ययन के परिणामों को जानें..।
चॉकलेट में बहुत सी हैवी मेटल्स
इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने कोको से बनने वाले डार्क चॉकलेट सहित 72 उत्पादों का 8 सालों तक विश्लेषण किया। बाद में उन्होंने पाया कि चॉकलेट से बने 43% उत्पादों में सीसा, या लेड, की बहुत अधिक मात्रा थी। 35% उत्पादों में कैडमियम था। वहीं, ऑर्गनिक उत्पादों में टॉक्सिक मेटल्स का उच्च स्तर पाया गया है, जो चिंता का विषय है।
चॉकलेट में लेड, सेहत के लिए खतरनाक
शोधकर्ताओं ने कहा कि चॉकलेट उत्पादों में ये मेटल्स कंटामिनेशन मिट्टी या उत्पादन के दौरान हो सकता है। यह अध्ययन विभिन्न चॉकलेट ब्रांड्स और वैरायटी पर आधारित था। कई में टॉक्सिक मेटल्स का स्तर काफी अधिक था। लेड काफी टॉक्सिक है, जो शरीर में जमा होने पर किडनी, हृदय और नर्वस तंत्र को खराब कर सकता है। यह बच्चों के शरीर में घुसकर उनके मानसिक विकास पर बुरा प्रभाव डाल सकता है।
डार्क चॉकलेट में बहुत अधिक हैवी मेटल हो सकता है, खासकर अगर इसे चाय, मसालों और समुद्री भोजन जैसे हैवी मेटल वाले अन्य उत्पादों के साथ खाया जाए।
कैडियम का शरीर पर प्रभाव
चॉकलेट में मौजूद दूसरा टॉक्सिक मेटल कैडमियम हड्डियों और किडनी को नुकसान पहुंचाता है। शरीर इसके संपर्क में लंबे समय तक रहे तो हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। किडनी की कई बीमारियां भी हो सकती हैं। शोधकर्ताओं ने कहा कि कोको प्लांट हैवी मेटल्स जमीन से अवशोषित कर सकते हैं, इसलिए अधिक चॉकलेट नहीं खाना चाहिए। यह भी बच्चों को इसके नुकसान बताना चाहिए।
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