RCB vs MI मैच में हार्दिक पंड्या के ग्लव्स बदलने पर विवाद, CSK vs DC में रोका गया था वही काम—उठे नियमों की समानता पर सवाल।
आईपीएल 2026 में अंपायरिंग और नियमों के पालन को लेकर एक नया विवाद सामने आया है, जिसने क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों के बीच बहस छेड़ दी है। RCB vs MI मैच के दौरान हार्दिक पंड्या द्वारा ओवर के बीच में ग्लव्स बदलने की घटना ने सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर इसलिए क्योंकि ठीक 24 घंटे पहले CSK vs DC मैच में इसी तरह की स्थिति में खिलाड़ी को ऐसा करने से रोक दिया गया था।
दरअसल, चेन्नई में खेले गए CSK और दिल्ली कैपिटल्स के मुकाबले में ट्रिस्टन स्टब्स ने 19वें ओवर के दौरान अपने ग्लव्स बदलने की कोशिश की थी। पसीने के कारण उनकी ग्रिप कमजोर हो रही थी, लेकिन चौथे अंपायर ने उन्हें ओवर के बीच में ग्लव्स बदलने से साफ मना कर दिया। इस फैसले पर दिल्ली टीम के डगआउट में बैठे खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने आपत्ति भी जताई थी, लेकिन नियमों का हवाला देकर अंपायर अपने फैसले पर कायम रहे।
इसके उलट, मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में हार्दिक पंड्या ओवर के बीच में ग्लव्स बदलते नजर आए, लेकिन इस बार चौथे अंपायर की ओर से कोई रोक-टोक या चेतावनी नहीं दी गई। यही बात अब विवाद का कारण बन गई है और सवाल उठ रहे हैं कि क्या दोनों मैचों में नियमों की व्याख्या अलग-अलग तरीके से की गई?
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क्रिकेट के नियमों के अनुसार, बल्लेबाज को चलते ओवर में ग्लव्स बदलने की अनुमति नहीं होती, जब तक कि ग्लव्स फट न जाएं या अंपायर इसकी अनुमति न दें। आमतौर पर खिलाड़ी ओवर खत्म होने के बाद ही ग्लव्स बदलते हैं। ऐसे में दोनों मैचों में एक जैसे हालात होने के बावजूद अलग-अलग फैसले लिए जाना अंपायरिंग की निरंतरता पर सवाल खड़ा करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में एकरूपता बेहद जरूरी है, ताकि खेल की निष्पक्षता बनी रहे। अगर एक मैच में नियम सख्ती से लागू किए जाते हैं, तो दूसरे मैच में भी वही मानक अपनाए जाने चाहिए। अन्यथा, खिलाड़ियों और टीमों के बीच असंतोष बढ़ सकता है।
इस विवाद के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आईपीएल प्रबंधन इस मुद्दे पर क्या स्पष्टीकरण देता है और क्या भविष्य में ऐसे मामलों के लिए कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं। फिलहाल, यह घटना क्रिकेट में नियमों के समान और पारदर्शी अनुपालन की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करती है।

