पंजाब विधानसभा में केंद्र सरकार की विदेश नीति और बढ़ते LPG संकट को लेकर प्रस्ताव पेश किया गया, जिस पर गुरुवार को विस्तृत चर्चा होगी।
पंजाब विधानसभा में बुधवार को केंद्र सरकार की विदेश नीति और देश में उभरते एलपीजी व ऊर्जा संकट को लेकर एक प्रस्ताव पेश किया गया। यह प्रस्ताव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री लाल चंद कटारुचक्क द्वारा सदन में रखा गया, जिस पर गुरुवार को विस्तृत चर्चा की जाएगी।
प्रस्ताव पेश होने के दौरान सदन में हंगामे की स्थिति भी देखने को मिली। कई विधायकों ने देशभर में एलपीजी की कमी और उसके आर्थिक प्रभावों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि प्रस्ताव औपचारिक रूप से सदन के समक्ष रखा जा चुका है और इस पर कल विस्तृत चर्चा होगी।
एलपीजी संकट से बढ़ी चिंता
सदस्यों ने कहा कि एलपीजी की संभावित कमी को लेकर पंजाब सहित देश के कई हिस्सों में उपभोक्ताओं, रेस्तरां, ढाबों और छोटे व्यापारियों के बीच चिंता और घबराहट का माहौल बन रहा है।
प्रस्ताव पेश करते हुए मंत्री लाल चंद कटारुचक्क ने कहा कि केंद्र सरकार की असंतुलित ऊर्जा नीति और कमजोर विदेश नीति के कारण देश में ऊर्जा संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात केवल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का परिणाम नहीं हैं, बल्कि केंद्र की कमजोर, असंगत और दिशाहीन विदेश नीति का भी परिणाम हैं।
बड़े शहरों में भी LPG की कमी
मंत्री ने सदन को बताया कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में भी एलपीजी की आपूर्ति में कमी की खबरें सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन, जो देशभर के पांच लाख से अधिक रेस्तरां का प्रतिनिधित्व करती है, ने चेतावनी दी है कि यदि 72 घंटे के भीतर एलपीजी की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो हजारों होटल और भोजनालय बंद होने की स्थिति में पहुंच सकते हैं।
पंजाब में भी असर
कटारुचक्क ने बताया कि पंजाब के कई क्षेत्रों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित हुई है। रेस्तरां, ढाबों और छोटे होटल संचालकों को सिलेंडर प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे छोटे व्यापारियों की लागत बढ़ रही है और आम उपभोक्ताओं पर भी घरेलू गैस की बढ़ती कीमतों का सीधा असर पड़ रहा है।
गैस कीमतों में बढ़ोतरी पर सवाल
प्रस्ताव में कहा गया कि ऐसे समय में जब जनता संकट का सामना कर रही है, केंद्र सरकार द्वारा घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कीमतें बढ़ाना चिंता का विषय है।
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बताया गया कि वर्तमान में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत दिल्ली में ₹913, मुंबई में ₹939 और चेन्नई में ₹1002 तक पहुंच चुकी है। हाल ही में घरेलू सिलेंडर की कीमत में ₹60 और व्यावसायिक सिलेंडर में ₹1500 तक बढ़ोतरी की गई है।
केंद्र की नीतियों की आलोचना
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की गलत विदेश नीति ने देश के हितों को नुकसान पहुंचाया है।
वहीं शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि ऊर्जा और उर्वरक क्षेत्र में भी चुनौतियां सामने आ रही हैं। उन्होंने बताया कि नंगल और बठिंडा के एनएफएल यूनिट लगभग बंद होने की स्थिति में हैं, जिससे भविष्य में उर्वरक आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है।
प्रस्ताव में केंद्र से मांग
सदन में पेश प्रस्ताव में केंद्र सरकार से मांग की गई है कि
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एलपीजी की आपूर्ति को तुरंत सामान्य किया जाए
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घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी वापस ली जाए
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देशहित को प्राथमिकता देने वाली स्पष्ट और पारदर्शी ऊर्जा नीति बनाई जाए
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छोटे व्यापारियों, रेस्तरां उद्योग और आम उपभोक्ताओं को राहत दी जाए
पंजाब विधानसभा में इस प्रस्ताव पर गुरुवार को विस्तृत चर्चा होने की संभावना है, जिसमें ऊर्जा संकट और देश की विदेश नीति से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बहस होगी।

